स्वाइन फ्लू : जिला अस्पताल में जांच का इंतजाम नदारद
मेडिकल कॉलेज में भेजते हैं नमूने, डेंगू के मरीज बढ़कर हुए 33, ओपीडी में रोजाना 200 मरीज बुखार व जुकाम के आ रहे
महराजगंज। जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा नहीं है जिससे सर्दी व खांसी के मरीजों का सामान्य वायरल की तरह से इलाज किया जा रहा है। प्रदेश के अन्य जिलों में स्वाइन दस्तक दे चुका है। लेकिन, महराजगंज जिला अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं है। जरूरत होने पर नमूने लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। जनवरी से लेकर अब तक जिले में डेंगू के 33 मामले आ चुके हैं। वहीं, बुखार से पीड़ितों की संख्या भी बढ़ रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रत्येक दिन करीब 800 मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें 200 बुखार, सर्दी एवं खांसी के मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक जांच के बाद दवा लिखकर घर भेज देते हैं। प्रदेश के तमाम जिलों में स्वाइन फ्लू दस्तक दे चुका है। लेकिन, महराजगंज में इस बीमारी की जांच तक की व्यवस्था नहीं है।
जिले का स्वास्थ्य महकमा बिना संसाधनों के ही जंग लड़ने के लिए मैदान में उतर आया है। मरीजों के लिए एक प्राइवेट वार्ड तो बना लिया है। लेकिन, जांच के इंतजाम न होने से मरीजों की पहचान नहीं हो पा रही। जिला अस्पताल में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार एवं सांस से पीड़ित होकर पहुंचने वाले मरीजों को सामान्य इलाज देकर ही अस्पताल से विदा कर दिया जाता है। जिले में इस समय डेंगू पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। इस बीच प्रदेश में स्वाइन फ्लू की दस्तक हो जाने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
----
मरीजों में यह हो रही समस्या
डॉ. एवी त्रिपाठी ने बताया कि ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनमें भूख न लगना, कफ बनने की समस्या है। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार एवं सांस की समस्या देखने को मिल रही है। स्वाइन फ्लू में भी सामान्य सर्दी से जुड़े हुए लक्षण पाए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर नमूना लेकर मेडिकल कॉलेज जांच के लिए भेजा जाता है। हालांकि अभी जिले में स्वाइन फ्लू का प्रभाव नहीं है।
-------
क्या रखें सावधानी
बुखार ठीक होने के 24 घंटे बाद तक घर पर रहें। लगातार पानी पीते रहें ताकि डिहाड्रेशन न हो।
फेसमास्क जरूर पहनें। यह प्रदूषण से बचाव में भी कारगर है।
छींकते समय टिस्यू पेपर से नाक को ढकें और फिर उस पेपर को सावधानी से नष्ट कर दें।
अपने हाथों को लगातार साबुन से धोते रहें। यदि आपको जुकाम के लक्षण दिखाई दे तो घर से बाहर न जाएं और दूसरों के नजदीक न जाएं।
---
स्वाइन फ्लू और सामान्य सर्दी में अंतर
-सर्दी लगने पर बुखार अमूमन नहीं आता, परंतु स्वाइन फ्लू होने पर 100-102 डिग्री बुखार आम है।
-सर्दी लगने पर सरदर्द और बदन दर्द कम ही होता है। परंतु स्वाइन फ्लू होने पर काफी सरदर्द होता है और असहनीय बदन दर्द होता है।
-सर्दी लगने पर कम कमजोरी आती है परंतु स्वाइन फ्लू से अत्यधिक कमजोरी महसूस होती है।
-सर्दी होने पर नाक जाम हो जाती है परंतु स्वाइन फ्लू होने से नाक अमुमन जाम नहीं होती।
----
स्वाइन फ्लू के लक्षण
- खांसी, सर्दी, जुकाम व नाक बहना।
-सांस लेने में तकलीफ होना।
-कमजोरी, बेचैनी व चिड़चिड़ापन महसूस होना।
-आलस आना, बेहोश हो जाना अथवा ठीक से खड़े न हो पाना
-लंबे समय तक तेज बुखार
-सीने, गले अथवा पेट में दर्द होना।
-गले में खराश या उल्टी-दस्त
-भ्रम की स्थिति उत्पन्न होना
----
स्वाइन फ्लू के मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पताल पर एक प्राइवेट वार्ड तैयार कर लिया गया है। अभी जिला में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। यहां जांच की सुविधा नहीं है। संदिग्ध होने पर जांच के लिए नमूना मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है।
-डॉ. एके द्विवेदी , प्रभारी सीएमएस