बरसात के मौसम में मुसीबत का सबब बनता है बघेला नाला
संवाद न्यूज एजेंसी
परसा मलिक। नौतनवां क्षेत्र का बघेला नाला हर साल बरसात में भारी तबाही मचाता है। समस्या को दूर कराने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी हर साल सर्वे कराते हैं, लेकिन काम वास्तविक रूप से हो नहीं पाता। ऐसी स्थिति में बरसात का पानी जहां सिवान में फैलता है, वहीं किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल भी बर्बाद हो जाती है।
जानकारी के मुताबिक नेपाल के पहाड़ से होकर बहने वाली बघेला नाला भारतीय सीमा क्षेत्र के गांव रेहरा से होकर ग्राम पंचायत चकदह के टोला शाहपुर की दूरी लगभग 33 किलोमीटर है। सिंचाई विभाग के द्वारा चौड़ीकरण व झाड़ झंखाड़ की सफाई के लिए बघेला नाला का हर साल सर्वे कराया जाता है, लेकिन बरसात से पहले सफाई न होने से रेहला, महुलानी, बेलभार, मनिकौरा, परसा, शिवपूरी, शंकरपुर, सेखुआनी, ब्रह्मस्थान, लुठहवा, पिपरहवा, निपनिया, बिषखोप,परसा भरटोलिया, श्रीरामपुर, जिगिना, गंगापुर, गंगवलिया,करौंता,चुड़िहारी, मनिकापुर,महुलैना,बेलभार, शाहपुर, चकदह के किसानों की फसल हर साल बर्बाद होती है।
...
भारी बारिश से नाला उफना जाता है। किसानों की फसल भी बर्बाद होती है। अगर सिंचाई विभाग समय से नाले की सफाई करा देता तो दर्जनों गांवों के किसानों का फसल बर्बाद नहीं होता।
महबूब अली, किसान
..
सिंचाई विभाग की ओर से हर साल बघेला नाले के चौड़ीकरण व झाड़ झंखाड़ को देखा जाता है। इसके लिए ड्रोन कैमरे से सर्वे भी कराया जाता है, लेकिन सफाई नहीं की जाती । रामबेलास यादव, किसान
...
बघेला नाला किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है। सकरा होने से बाढ़ का पानी तेजी से निकल नहीं पाता है व किसानों का फसल बर्बाद होता है।
संजय यादव, किसान
..
अगर बघेला नाला का चौड़ीकरण करा दिया जाए तो किसानों का फसल प्रभावित नहीं होगा। सिंचाई विभाग के ध्यान न देने से समस्या जस की तस बरकरार है।
शरीफ खां, किसान
..
कोट
बघेला नाले के चौड़ीकरण व सफाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। धन मिलने के बाद समस्या को दूर कराने का प्रयास होगा।
आमोद कुमार, सहायक अभियंता