महराजगंज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परिणाम अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई में आ सकते हैं। इस बीच बच्चों और उनके अभिभावकों के फोन नंबरों तक साइबर ठगों ने सेंध लगा ली है। फोन नंबरों पर संपर्क कर मनचाहा नंबर दिलाने की पेशकश कर रहे हैं।
बीते दिनों जीएसबीएस महराजगंज के अजितेश व फरेंदा सेठ आनंदराम जयपुरिया के शोभित के नंबर पर इसके लिए फोन भी आए, लेकिन उन्होंने स्थिति भांपकर पैसा भेजने में असमर्थता प्रकट की, जिससे वह ठगों के जाल में नहीं फंसने से बच गए। यह बानगी है ऐसे फोन अधिकतर लोगों के पास आए, लेकिन किसी ने मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटाई। इन दोनों ने विभाग में शिकायत की जगह अपने जानने वालों से ही जानकारी साझा की। इससे निपटने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को बाकायदा आदेश जारी करना पड़ा है कि परीक्षार्थी अथवा उनके अभिभावक साइबर ठगों से बचकर रहें।
इन दिनों साइबर ठग बोर्ड परीक्षा में अंक बढ़वाने के लिए परीक्षार्थियों को फोन कर रहे है। परीक्षार्थियों से धन ऐंठने के प्रयास में लगे साइबर ठग स्वयं को यूपी बोर्ड का कर्मचारी बता रहे हैं। परीक्षार्थियों को फोन कर बता रहे हैं कि वह परीक्षा में फेल हैं। पास कराने का प्रलोभन देकर धन की मांग की जा रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ राय ने कहा है कि परीक्षार्थी इस तरह की फोन कॉल का संज्ञान न लें।
कई स्कूलों में प्रधानाचार्य कंप्यूटर ऑपरेटर की अनुपस्थिति के कारण परीक्षार्थी का परीक्षा फॉर्म भरवाने का कार्य साइबर कैफे के माध्यम से कराते हैं। ऐसे में साइबर ठग परीक्षार्थियों का फोन नंबर सहित विवरण डिजिटल तकनीकी से जुटा लेते हैं। इसके बाद जब परीक्षाफल तैयारी का कार्य यूपी बोर्ड में शुरू होता है तो ठग उनके नंबरों पर संपर्क कर पास कराने या ज्यादा नंबर दिलाने के नाम पर धन ऐंठते हैं। पिछले वर्ष कुछ जिलों से इस तरह की शिकायतें आई थीं, जिनके विरुद्ध संबंधित एफआईआर हुआ। इस बार जिले के तीन केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य पूर्ण हुआ। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का परीक्षाफल घोषित करने की तैयारी के साथ यूपी बोर्ड सचिव के निर्देश पर मूल्यांकन केंद्रों से मूल्यांकित सभी उत्तर पुस्तिकाएं क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर भेज दी गई हैं।
परीक्षार्थियों से साइबर ठगी के अभी किसी मामले में लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी स्कूल के प्रधानाचार्यों को पत्र पांच अप्रैल को जारी कर दिए गए हैं कि वह अपने स्तर से परीक्षार्थियों को जागरूक करें।
-अमरनाथ राय, जिला विद्यालय निरीक्षक