सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर धनंजय टिंगल ने बृहस्पतिवार को बाल श्रम और बंधुआ श्रम की स्थिति की समीक्षा की। रेस्ट हाउस में आयोजित बैठक में अधिकारियों के साथ अब तक की कार्रवाई और आगे की रणनीति तय की गई। स्पेशल मॉनिटर ने कहा कि बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हैं। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने कहा कि बंधुआ श्रम की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। सहायक श्रम आयुक्त सचिन कुमार सिंह ने बताया कि श्रमिकों का पंजीकरण कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। बैठक में विभागीय समन्वय मजबूत करने और प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक के अंत में स्पेशल मॉनिटर ने बाल श्रम से मुक्त कराए गए तीन बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इस अवसर पर अफसर और एनजीओ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।