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Maharajganj News: करंट की चपेट में आने से एसएसबी जवान की मौत

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करंट की चपेट में आने से एसएसबी जवान की मौत
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इन्वर्टर ठीक करते समय रविवार की रात में हुआ हादसा, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरेंदा। भैया फरेंदा चौराहे पर घर में रविवार रात इन्वर्टर ठीक करते समय एसएसबी जवान की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसबी अधिकारी मृतक के घर पहुंचे। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ एसएसबी जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
फरेंदा क्षेत्र के फरेंदा बुजुर्ग भैया फरेंदा निवासी एसएसबी जवान रामफल (32) वर्ष 66 वीं बटालियन नौतनवां के खनुआ चौकी पर तैनात थे। जहां से करीब डेढ़ माह पूर्व छुट्टी बिताने के लिए घर आए थे। छुट्टी के दौरान ही दुर्घटना में उनका पैर फ्रैक्चर हो गया था। तब से घर पर ही मेडिकल छुट्टी बीता रहे थे। रविवार की रात में खाना खाकर कमरे में सोए थे। उसी दौरान बिजली में कुछ गड़बड़ी हुई तो इन्वर्टर ठीक करने लगे। उसी दौरान करंट की चपेट में आ गए, जिससे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी ले गए। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिए। जवान के मौत की खबर परिजनों को मिली तो घर में चीख पुकार मच गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। मृतक के दो बच्चे राजवीर 8 व रणवीर 5 वर्ष हैं। पत्नी किरन, मां व पिता नेबूलाल का रो रो कर बुरा हाल हैं।
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एसएसबी जवान का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार
फरेंदा। भैया फरेंदा निवासी एसएसबी जवान रामफल का शव पोस्टमार्टम के बाद एसएसबी वाहन शाम को घर पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। गांव सहित आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। पत्नी रो-रो कर बेसुध हो रही थी। मासूम बच्चे दरवाजे में जुटी भीड़ को एकटक निहार रहे थे। एसएसबी बटालियन के जवानों ने वाहन से जवान का तिरंगे में लिपटा हुआ शव लेकर दरवाजे पर पहुंचे तो मौजूद लोगों की आंखों में आंसू आ गए। पिता नेबूलाल तिरंगे में लिपटे हुए बड़े बेटे का शव देखकर बेसुध हो जा रहे थे। उनको पानी के छींटे मारकर होश में लाया जा रहा था। वहीं मृतक के पांच छोटे भाई शव को देखकर फफक रहे थे। एसएसबी अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों में प्रदीप सिंह राजपूत, ग्राम प्रधान सुकांत, शिववचन जायसवाल, रविंद्र सिंह, राघवेंद्र तिवारी, अजय चौधरी सहित परिजनों ने श्रंद्धाजलि अर्पित की। एसएसबी जवान का अंतिम संस्कार दुर्गा मंदिर पवह नदी के तट पर किया गया। जहां पिता ने बेटे को मुखाग्नि दी।
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2008 में एसएसबी में भर्ती हुए थे रामफल
-भैया फरेंदा निवासी रामफल वर्ष 30 जून 2008 में एसएसबी में भर्ती हुए थें। उसके बाद से अपने भाइयों को भी देश की सेवा के लिए सेना में भेजना चाहते थे। वह हेड कांस्टेबल के पद पर खनुआ में तैनात रहे। उनका छोटा भाई भी बीएसएफ का जवान है। वह छह भाइयों में सबसे बड़े थे।
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