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Maharajganj News: जमीन खरीदने में लाखों लगा दिए, मुआवजा आधा भी नहीं

Tue, 17 Sep 2024 03:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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महराजगंज। प्रस्तावित रेल मार्ग में अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर लोग परेशान हैं। अधिवक्ताओं के पास जाकर लोग विधिक राय ले रहे हैं। लोगों ने आपत्ति दाखिल कर कॉमर्शियल रेट पर मुआवजा की मांग की है। अगर कोई चार डिस्मिल जमीन 30 लाख रुपये में लिया है तो कृषि के भाव से उसका मुआवजा आधा हो जा रहा है।
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बीते दिनों 78 आपत्ति भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में दर्ज कराई गई। इसमें महुअवा क्षेत्र की 53 आपत्ति है। सभी आपत्तियों का निस्तारण करने की रूपरेखा बनाई जा रही है। तीन दिन पहले कार्यालय में पहुंचकर कुछ लोगों ने विभाग से मिले नोटिस का जवाब भी दिया था। इसके बाद एडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि महंगे दर जमीन खरीदी गई। अगर इसका मुआवजा कम हुआ तो आर्थिक स्थिति चौपट हो जाएगी।
कुछ लोगों ने पूरी रकम जमीन खरीदकर घर बनवाने में लगा दी। अब उनका घर भी रेलवे ट्रैक के दायरे में आ रहा है। उनको रात में नींद नहीं आ रही है। बने हुए घर पर भी मुआवजा कृषि दर से मिलने की बात कही जा रही है। महुअवा में सोमवार को कुछ लोग आपस में बैठकर चर्चा कर रहे थे। सीताराम ने बताया कि 10 डिस्मिल जमीन रेलवे में आ रही है। दूसरी जगह जमीनों का रेट महंगा है।
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राम नगीना ने बताया कि 50 डिस्मिल में पिलर लगा है। मुआवजे को लेकर संशय है। इसके बारे में कचहरी में जाकर पता लगाया जा रहा है। संतराज की 25 डिस्मिल जमीन दायरे में आ रही है। इसी तरह से परमहंस भी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि दो भाईयों के बीच में 40 डिस्मिल जमीन है। पूरी जमीन का मुआवजा नहीं बन रहा है। अशोक पटेल तीन भाई हैं। तीनों भाई का हिस्सा एक एकड़ 62 डिस्मिल रेलवे के दायरे में आ रहा है।
उन्होंने बताया कि पांच डिस्मिल जमीन में अभी नया घर बना है। वह भी रेलवे ट्रैक के दायरे में हैं। अब तो घर बनवाने में लगी पूरी रकम बेकार हो गई। यह सोचकर नींद नहीं आ रही है। दिनेश भी दो भाई हैं। दोनों भाईयों की जमीन दो भाईयों की एक एकड़ जमीन रेलवे में आ गई है। लालधारी ने बताया कि सात डिस्मिल में नया दो मंजिला मकान बना है। यह रेलवे ट्रैक के दायरे में आ रहा है। अब नया घर कैसे बनेगा। क्योंकि इतनी रकम नहीं मिल रही है। रामसुभग की 20 डिस्मिल, दिनेश की 70 डिस्मिल, रामनरेश की 30 डिस्मिल जमीन दायरे में आ रही है। यह सभी लोग मुआवजा निर्धारण को लेकर परेशान हैं।
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