महराजगंज/निचलौल। चौक थाना क्षेत्र के टीकर गांव निवासी एक व्यक्ति ने मुर्गी पालन के लिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड शाखा निचलौल से तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। इसके बाद उसने बंधक भूमि को धोखाधड़ी से बेच दी। मामले का पता चलने पर बैंक के शाखा प्रबंधक ने सोमवार को पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड शाखा निचलौल के शाखा प्रबंधक शैलेश कुमार त्रिपाठी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि चौक थाना क्षेत्र के टीकर गांव निवासी जमालुद्दीन ने बैंक से मुर्गीपालन के लिए बैक से कर्ज लिया था। उसने जमीन गाटा संख्या 2 में से 0.310 हेक्टेयर स्थित ग्राम भगवानपुर उर्फ भुलना व गाटा संख्या 173 में से 0.303 हेक्टेयर स्थित ग्राम पड़ीकला सहित कुल 0.613 हेक्टेयर जमीन बैंक के पक्ष में बंधक रखा था।
प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन मार्च 2016 को 1,80,000 रुपये और 21 जून 2016 को 1,20,000 रुपये सहित तीन लाख रुपये का ऋण लिया था। इतना ही नहीं आवेदक ने 14.25 वार्षिक चक्रवृद्धि दर पर रकम प्राप्त करने के बाद डिमांड प्रोनोट तथा रसीद पर हस्ताक्षर भी किया। इसके बाद आवेदक ने बैंक का बगैर कर्ज लौटाएं ही धोखाधड़ी से जमीन बेच दी। थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि आरोपी जमालुद्दीन निवासी टीकर थाना चौक के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बंधक भूमि को नीलामी प्रक्रिया के दौरान हुआ खुलासा
बैंक के शाखा प्रबंधक शैलेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि बैंक से कर्ज लेकर रकम वापस न करने वाले जमालुद्दीन की सूची छह जुलाई 2023 को प्रकाशित की गई थी। उसके बाद बंधक भूमि की नीलामी की तिथि पांच सितंबर तय की गई। नीलामी प्रक्रिया पूरा करने के लिए बंधक भूमि की खतौनी निकली गई, तो पता चला की जमालुद्दीन ने उक्त भूमि को जालसाजी कर पहले ही बेच दी है।
भूमि खरीदने वालों का नाम भी खतौनी में हो गया दर्ज
बैंक के शाखा प्रबंधक ने बताया कि जमालुद्दीन ने बंधक भूमि को 30 जुलाई 2016 और तीन अक्तूबर 2016 को विंदावती देवी तथा 18 मार्च 2016 को प्रभावती देवी के हाथों उपनिबंधक कार्यालय निचलौल में संपूर्ण भूमि का विक्रय कर दिया है। इतना ही नहीं धोखाधड़ी करके राजस्व अभिलेख में भी उनका नाम दर्ज करा दिया है।
कोई भी भूमि या संपत्ति किसी ऋण के विरुद्ध बैंक के पक्ष में बंधक दर्ज है तो भूमि का मालिक बगैर बैंक की अनुमति के बिना धोखाधड़ी से किसी के नाम से भूमि या संपत्ति की रजिस्ट्री कर दें तो बैंक सक्षम न्यायालय के माध्यम से रजिस्ट्री रद करा सकता है। अगर बैंक के पक्ष में बंधक दर्ज भूमि की रजिस्ट्री कर धोखाधड़ी से राजस्व खतौनी में नाम दर्ज करा लिया गया है तो यह बड़ी लापरवाही है।
-अरविंद मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता