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मुस्कुराती जिंदगानी चाहिए...सुनकर मंत्रमुग्ध हुए दर्शक

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पीजी कालेज ग्राउंड पर आयोजित महराजगंज महोत्सव में कविता प्रस्तुत करते डॉ. कुमार विश्वास।संवाद - फोटो : MAHARAJGANJ
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मुस्कुराती जिंदगानी चाहिए...सुनकर मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
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महराजगंज। महराजगंज महोत्सव की पहली शाम जिले के लिए यादगार रही। कवि कुमार विश्वास व उनके साथ आए हास्य व वीर रस के कवियों ने उपस्थित भीड़ का भरपूर मनोरंजन किया। दर्शकों ने ताली बजाकर कवियों का स्वागत किया।
पहले दिन के कार्यक्रम के चौथे चरण में कुमार विश्वास ने ...मुस्कुराती जिंदगानी चाहिए, शब्द की जागृत कहानी चाहिए, सारी दुनिया अपनी हो जाती है, बस उसकी मेहरबानी चाहिए...इन पंक्तियों को सुनकर दर्शक उत्साह से लवरेज हो गए। उनके साथ आए हास्य कवि विकास ने ...इस महंगाई में कन्हैया आए यदि कहीं, सच कहता हूं, रोटी-दाल मार डालेगी...सुनाकर समसामयिक समस्या को उकेरा।
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वीर रस के कवि प्रख्यात मिश्र ने... राम वही जो भारत की पहचान बनाने वाले हैं... पंक्तियां सुनाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके अतिरिक्त लखनऊ की कवयित्री सुमन दूबे व आगरा के कवि रमेश ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कवि सम्मेलन में जिले के सभी न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में दर्श उपस्थित रहे।
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