एक जनपद एक खेल योजना के तहत चयनित कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए करनी होगी विशेष कवायद
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। एक जनपद एक खेल के तहत जिले में चयनित कुश्ती की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। नियमित रूप से खिलाड़ियों के न आने से इसे गति नहीं मिल पा रही है। नए खिलाड़ियों में भी रुचि नहीं देखी जा रही।
कुश्ती के खिलाड़ियों के लिए एक वर्ष पहले केंद्र की स्थापना कराई गई है। पहले वर्ष कुल 30 खिलाड़ियों ने प्रवेश लिया, मगर उसमें से 20 ही ऐसे हैं जो नियमित रूप से अभ्यास करने आते हैं। इस वर्ष विभाग की ओर से शेष खिलाड़ियों को नए सिरे से जोड़ने की पहल की है। मगर अब तक प्रवेश लेने के प्रति किसी भी खिलाड़ी की ओर से रुचि नहीं दिखाई जा रही। जब तक नए खिलाड़ी इसमें प्रवेश नहीं लेंगे तब तक समस्या दूर नहीं हो सकेगी।
कुश्ती के खिलाड़ी निखिल ने बताया कि स्टेडियम मेें खेल संबंधी सुविधाओं के विकास की पहल होनी चाहिए। रवि ने बताया कि प्राचीन खेल कुश्ती के विकास के लिए जिले में पहल की गई, मगर खिलाड़ियों में पूरी तरह से रुचि नहीं देखी जा रही। खिलाड़ी अर्चना ने बताया कि बालिकाओं में भी कुश्ती के प्रति उत्साह निराशाजनक है। खुशी ने बताया कि कुश्ती में आगे बढ़ने की संभावना है। बालिकाओं को इसमें रुचि लेना चाहिए।
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कोट
कुश्ती खिलाड़ियों के विकास की दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। कुछ खिलाड़ियों की कमी है, जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा।
-धर्मेंद्र यादव, कुश्ती प्रशिक्षक
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कोट
एक जनपद एक खेल योजना के तहत व्यवस्थाओं में सुधार की कवायद होगी, ताकि कुश्ती खिलाड़ियों को अच्छी से अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
-धर्मेंद्र कुमार, उप क्रीड़ाधिकारी