समूह गठन की रफ्तार धीमी, स्वरोजगार को झटका
- 3647 के लक्ष्य के सापेक्ष 1001 स्वयं सहायता समूह का हुआ गठन
महराजगंज। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के गठन की रफ्तार जिले में धीमी है। इससे जहां जरूरतमंदों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य को झटका लगा है, वहीं जिले की उपलब्धि भी मानक से कम है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 जिले भर में कुल 3647 स्वयं सहायता समूहों को गठित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके सापेक्ष अप्रैल से लेकर अगस्त तक कुल 1001 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जो कि लक्ष्य क लगभग 27 प्रतिशत है। वर्ष भर के औसत को ध्यान में रखा जाए तो अब तक समूहों के गठन की संख्या 1500 से अधिक होनी चाहिए मगर अभी काफी कम है। नया माह शुरु होने से अब समूह गठन की दिशा में मिशन से जुड़े जिम्मेदारों को और कवायद करनी होगी।
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लक्ष्य के सापेक्ष यह है उपलब्धि
इस बार धानी ब्लॉक में 303 एवं शेष 11 ब्लॉकों में 304 स्वयं सहायता समूहों के गठन का लक्ष्य निर्धारित है। इसकी तुलना में धानी ने 51, बृजमनगंज ने 26, घुघली ने 123, लक्ष्मीपुर ने 59, सदर ने 68, मिठौरा में 120, नौतनवां में 128, निचलौल में 107, पनियरा में 68, परतावल में 42, फरेंदा में 109 एवं सिसवा में 100 समूहों का गठन किया जा सका है।
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स्वयं सहायता समूहों के गठन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रयास जारी है। आने वाले दिनों में योजनाबद्ध तरीके से न सिर्फ लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा, बल्कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर भी जोर होगा।
- आरके पांडेय, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन