महराजगंज। कौशल विकास के जरिए युवाओं की बेरोजगारी दूर हो रही है। कम पूंजी में काम शुरू कर घर गृहस्थी की गाड़ी को आगे बढ़ा रहे हैं। सिसवा क्षेत्र के करीब 50 से अधिक युवा स्वयं का काम शुरू कर चुके हैं। उनको देखकर अन्य युवा भी अपना काम शुरू करने का मन बना रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कौशल विकास के जरिए प्रशिक्षण लेने के बाद युवाओं की बेरोजगारी दूर हो रही है। कम पूंजी में घर पर ही सैलून, फर्नीचर व आभूषण कारीगरी का छोटा-मोटा काम शुरू कर युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं। सिसवा कस्बे के करीब 12 युवा ऐसे हैं, जो बाहर जाने की बजाय, यहीं काम कर रहे हैं। गुजरे वक्त में वे दिल्ली मुंबई जाकर काम करते थे, लेकिन अब उनकी मुश्किल दूर हो गई है।
सिलाई करने वाले धीरज कहते हैं कि तीन साल पहले दिल्ली जाकर सिलाई करता था, लेकिन अब नहीं जा रहा हूं। उधार लेकर सिलाई मशीन लाया, काम शुरू किया तो अब पीछे मुड़कर नहीं देखा। परिवार में चार सदस्य हैं। सभी का गुजर बसर इसी दुकान से होता है, जिससे उधार लेकर काम शुरू किया था, उसे रकम चुका दिया। अब कोई परेशानी नहीं है। कस्बे के फालमंड़ी में नाई की दुकान चला रहे है अवधेश शर्मा ने बताया कि सरकार की कौशल विकास योजना अंतर्गत प्रशिक्षण का लाभ युवाओं को मिल रहा है। नाई के दुकान से प्रत्येक दिन शाम तक पांच सौ रुपये की आय कर अपने परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था आराम से कर लेता हूं।
प्रतिदिन एक हजार रुपये की होती है आमदनी
रायपुर निवासी अनिरुद्ध ने बताया कि कौशल विकास प्रशिक्षण द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मैंने फर्नीचर का काम सीखा। इसके बाद घर पर ही अपना काम शुरू कर दिया। लोगों के मांग के अनुरूप सामान तैयार कर प्रतिदिन एक हजार रुपये कमा लेता हूं। सिसवा कस्बे के रायपुर निवासी अखिलेश ने बताया कि कौशल विकास ने युवाओं की राह आसान कर दिया है। काम सीख कर प्रतिदिन एक हजार रुपये कमा लेता हूं। इससे बच्चों की पढ़ाई भी अच्छे से चल रही है।