बेटे से प्रताड़ित थाने पहुंचे बुजुर्ग गोमती को संभालती पुलिस
निचलौल। साहब...इकलौते बेटे ने घर और कृषि भूमि पर कब्जा कर लिया है। पूरी संपत्ति पर एक पोते के साथ रहना चाहता था, विरोध करने पर प्रताड़ित कर रहा है। जान से मारने की धमकी दे रहा है। छोटे पोते के पास रहकर जिंदगी काट रहा हूं।
मंगलवार को थाने में पहुंचे मदनपुरा गांव के 94 वर्षीय गोमती सहानी की यह सब बातें सुनकर सभी लोग हैरान थे। पुलिस बुजुर्ग को सहारा देकर पहले कुर्सी पर बैठाई फिर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया।
तहरीर लेकर थाने पहुंचे गोमती ने कहा कि उनका इकलौता बेटा शंकर है। शंकर के चार लड़के राजकुमार, विजय, शैलेश और तुफानी हैं। आरोप लगाया कि बेटे की घर और कृषि भूमि के अलावा अन्य संपत्ति पर कब्जा है। वह पूरी संपत्ति के साथ पोते विजय के पास रहता है। खाना और खर्च मांगने पर आक्रोशित हो जा रहा है। जान से मारने की धमकी दे रहा है। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि वह किसी कार्य के लिए जिला मुख्यालय पर हैं। पुलिस टीम से संबंधित मामले की जानकारी लेकर बुजुर्ग की समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाएगा।
बुजुर्गों को सताया तो जाना पड़ सकता है जेल
निचलौल तहसील में तैनात वरिष्ठ अधिवक्ता सरजू कुमार पांडेय ने कहा की भरण पोषण अधिनियम के तहत पारिवारिक हिंसा व उत्पीड़न से त्रस्त व सताने वाले बुजुर्गाें व दिव्यांगों को राहत दिलाने का प्रावधान है। शिकायत के बाद संबंधित एसडीएम के समक्ष मामला दर्ज होगा। 24 से 48 घंटे में राजस्व कर्मियों की सहायता से आरोपों की पुष्टि कराई जाएगी। फिर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत से समाधान होगा। उत्पीड़न सिद्ध होने पर मुकदमा दर्ज होगा। एक्ट के तहत दस हजार तक जुर्माना व तीन माह जेल की सजा का प्रावधान है।