पुरैना। विकास खंड घुघली के बीआरसी परिसर में बुधवार को प्राथमिक विद्यालयों के 50 शिक्षकों को श्रीअन्न के बारे में जानकारी दी गई। डॉ. ताहिर अली ने बताया कि श्रीअन्न में ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, सावां आदि फसलें आती हैं, जो मनुष्य के शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी हैं। श्रीअन्न खाकर मनुष्य शुगर, हृदय रोग एवं अन्य बीमारियों को नियंत्रित कर सकता है। श्रीअन्न में फाइबर, प्रोटीन, कैल्सियम, विटामिन, आयरन एवं अन्य खनिज पदार्थ अत्यधिक मात्रा में मिलता है। सहायक विकास अधिकारी कृषि वशिष्ठ कुशवाहा ने बताया कि श्रीअन्न में फाइबर होता है जो मनुष्य को पेट से संबंधित कई बीमारियों से बचाता है तथा शरीर का वजन भी कम करने में सहायक है। इसी प्रकार इसमें मिलने वाले विटामिन एवं प्रोटीन बच्चों के शारीरिक विकास के लिए बहुत ही उपयोगी होता है। साथ ही उसमें मिलने वाले पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ही उपयोगी है तथा मधुमेह रोगियों में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस अवसर पर सहायक विकास अधिकारी कृषि रक्षा केदार नाथ द्विवेदी, रामभरोस सिंह, संजय गोविंद राव, अरविंद चतुर्वेदी, अमित पांडेय मौजूद रहे। संवाद