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Maharajganj News: शिक्षा मित्र ने मधुमक्खी पालन कर जीवन में घोली मिठास

Sun, 18 Aug 2024 04:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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ठूठीबारी। करदह गांव में ज्ञान प्रकाश गुप्ता मधुमक्खी पालन कर शहद का कारोबार कर खुशहाल जीवन जी रहे हैं। वहीं लाखों रुपये का रोजगार सृजन करके प्रेरणादायक बने हैं।
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ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम करदह निवासी ज्ञान प्रकाश गुप्ता शिक्षामित्र हैं। वह छात्रों के भविष्य संवारने के साथ ही खाली समय में मधुमक्खी पालन कर अपने जीवन में शहद घोल रहे हैं। ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने बताया की सरसो, लीची, जामुन, साखू, शीशम के फूलों से शहद तैयार कर बाजार में सप्लाई करते हैं, जिससे सालाना चार से पांच लाख कमा लेते हैं। ज्ञान प्रकाश गुप्ता 2015 में 100 बॉक्स से फार्मिंग की शुरुआत की।
वहीं 2017 में आए बाढ़ से काफी नुकसान हुआ। सभी बॉक्स पानी में बह गए, जिसमें 12 बॉक्स बचे थे। आज इनके पास 45 बक्से हैं। एक बक्से से साल में औसतन 30 से 40 किलो शहद का उत्पादन होता है। जल्द ही ऑटोमेटिक शहद प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की योजना बनाई है। इससे गुणवत्ता के साथ उत्पादन क्षमता और बढ़ जाएगी। वे ऑनलाइन मार्केटिंग भी करते हैं। ज्ञान प्रकाश बीए बीटीसी करने के बाद अपने ही गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र पद पर तैनात हैं जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ ही उन्होंने यह काम शुरू किया।
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कैसे तैयार होता है शहद
शहद तैयार करने के लिए एक बक्से में पांच से सात हजार मधुमक्खियों को रखा जाता है। इसमें एक रानी मधुमक्खी और नर मधुमक्खी वर्कर मधुमक्खी रहती हैं। फूल के समय आम तौर पर जनवरी-फरवरी से अप्रैल-मई तक खेतों और बगीचों में बक्से रखे जाते हैं। तीन किमी की रेंज से मधुमक्खियां फूलों से रस लाकर बक्से के छत्ते में भरती हैं। एक दिन में रानी मधुमक्खी 1000 से 1500 अंडे देती है। वर्कर मधुमक्खियां अपने पंख से लाए रस को झेलते हुए पानी सुखाते हैं और शहद तैयार होता है। प्रोसेसिंग यूनिट में मशीनों से छत्ते से शहद निकालकर पैक किया जाता है।
बड़ा गुणकारी है शहद
शहद का उपयोग पूजा से लेकर सौंदर्य प्रसाधन और पौष्टिकता के लिए किया जाता है। यह खांसी, दमा में उपयोगी होता है। डॉक्टरों के अनुसार, यह एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है। इसमें विटामिन ए, बी2, बी5, बी6 के साथ ग्लूकोज, फ्रक्टोज, पोटैशियम, कैल्सियम, सल्फर, फास्फेट, जिंक आयरन आदि खनिज तत्व होते हैं। यह आंखों की रोशनी तेज करने श्वास संबंधी बीमारी दूर करने में उपयोगी है। इससे कई प्रकार की दवा, क्रीम, ऑयल आदि बनते हैं। मोटापा कम करने, घाव ठीक करने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है।
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