प्राचीन चंडी माता मंदिर गेट पर कलश लेकर खड़ी कन्याएं।संवाद
महराजगंज। निचलौल शहर प्राचीन चंडी माता मंदिर के जीर्णोद्धार एवं मां चंडी, श्री राधे-कृष्ण एवं हनुमान की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर आयोजित तीन दिवसीय शत चंडी महायज्ञ का शुक्रवार को कलश पूजन के साथ शुभारंभ हुआ। इसके पूर्व कन्याओं ने पवित्र नारायणी नदी से कलश में जल भरकर लाया।
यज्ञाचार्य ने बताया कि यज्ञ की महिमा अनंत है। यज्ञ लोक कल्याण के लिए किया जाता है।उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से वायुमंडल एवं पर्यावरण में शुद्धता आती है। यज्ञ को वेदों में मनुष्य के समस्त अभावों एवं बाधाओं को दूर करने वाला साधन माना गया है। यजुर्वेद में कहा गया है कि जो यज्ञ को त्यागता है, उसे परमात्मा त्याग देते हैं। इस दौरान चेयरमैन शिवनाथ मद्धेशिया, रेंजर सुनील कुमार राव, पुनीत मिश्रा, हरेन्द्र सिंह, सुनील आदि मौजूद रहे।संवाद