महराजगंज। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय (कोर्ट संख्या-द्वितीय) फूलचंद कुशवाहा ने गैंगस्टर एक्ट में मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी जितेंद्र गिरी को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) की धारा 3(1) के तहत 2 वर्ष 3 माह के सश्रम कारावास व 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियुक्त की ओर से अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों के बयान को ध्यान में रखते हुए माना कि अभियुक्त समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त था और संगठित आपराधिक गिरोह का हिस्सा था। न्यायालय ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए कड़ी सजा सुनाई, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए। संवाद