महराजगंज। नगर के सोनपति देवी महिला पीजी कॉलेज सभागार में पशु पक्षियों सहित सभी जीव जंतुओं के संरक्षण और संवर्धन को लेकर कार्यशाला का आयोजन हुआ। पशु क्रूरता के विरुद्ध आवाज उठाने, नियंत्रित करने वाले उपायों पर चर्चा की गई।
एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन पुल एनिमल पब्लिक पॉलिसी फाउंडेशन नई दिल्ली की सदस्य सूरभि त्रिपाठी ने कहा कि पशुओं के साथ अनेक तरह से क्रूरता पूर्वक व्यवहार किया जाता है। मुर्गियों को पंख फैलाने तक की जगह नहीं दी जाती है। बकरे को खुलेआम काटा जाता है। मुर्गियों को उल्टा करके लटका कर उनके साथ क्रूरता किया जाता है। उन्होंने कहा कि पशुओं और जानवरों के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तमाम धार्मिक स्थलों पर भी जानवरों के साथ भेदभाव किया जाता है और उनके खराब स्वास्थ्य के बावजूद उनके साथ क्रूरता की जाती है, जो उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि पशुओं को चोट पहुंचाई जाती है। समाज में व्याप्त पशु क्रूरता दूर किए जाने के लिए पशुपालन विभाग कार्य तो करता है, पर इतने व्यापक स्तर पर क्रूरताएं होती हैं। रोकने के लिए सभी को पूरी क्षमता के साथ आगे आना होगा।
उन्होंने कहा कि हम शाकाहारी हो जाएं, प्लास्टिक का प्रयोग न करें। प्लास्टिक से पशुओं में कैंसर जैसे गंभीर रोग होते हैं। पूरे देश में अहिंसा फैलोशिप के माध्यम से पशु क्रूरता को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इस फेलोशिप में कर्मठ युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने एक वेबसाइट की चर्चा करते हुए कहा कि इससे जुड़कर अपना आवेदन करें और पशुओं के साथ हो रहे अत्याचार को समाप्त करने के लिए पूरे देश में चलाए जाने वाले इस फेलोशिप में अपना योगदान देने के लिए आगे आएं। प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट ने शाकाहारी बनने पर जोर दिया।
विमल कुमार पांडेय, डॉ शांति शरण मिश्र, सुनील मिश्र, प्राचार्य डॉ हरि प्रकाश शर्मा, हरिओम पांडेय, उदय सिंह, रविशंकर सिंह, ज्योत्सना त्रिपाठी, माधवी शुक्ला, राज किशोर वर्मा, कृष्ण मोहन शर्मा, निकिता पांडेय आदि मौजूद रहे।