महराजगंज। बॉर्डर इलाके में तस्करों के सिंडिकेट को तोड़ने में सुरक्षा कर्मी जुटे हैं। इसमें ड्रोन मददगार साबित हो रहा है। इसकी मदद से बीते दिनों यूरिया और चावल बरामद हुआ। इसके अलावा पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में सूचना तंत्र को मजबूत किया है। तस्करी के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस नजर रख रही है।
सीमापार से तस्करी और घुसपैठ रोकने के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। जनपद की भारत नेपाल सीमा के निकट सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सहित अन्य एजेंसियों के अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने और तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा व खुफिया से जुड़ी सभी एजेंसियां सक्रिय हैं।
सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के माध्यम से तस्करी को रोकने के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल के समय में बरामदगी के अनुसार नेपाल तस्करी की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी हुई इसको लेकर एजेंसियां अब कैमरों का सहारा ले रही हैं। जनपद की खुली 84 किलोमीटर की सीमा पर अधिक सुरक्षा बढाई जा रही है।
देश विरोधी तत्वों व तस्करों पर नजर रखने के लिए भारत-नेपाल सीमा की ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है, जिसके कारण बीते दिनों सुरक्षा एजेंसियों ने खाद और चावल बरामद किया है। इसके बाद तस्करों में हड़कंप मच गया है। सीमा के 10 किमी के दायरे में पड़ने वालों गांवों में पुलिस न सिर्फ सतर्कता बरत रही है। बल्कि, देश विरोधी तत्वों को घेरने के लिए लोगों से मदद भी ले रही है। नेपाल सीमा से लगने वाले थाना क्षेत्र कोल्हुई, नौतनवा, सोनौली, परसा मलिक, बरगदवा, ठूठीबारी और निचलौल की पुलिस नेपाल की सीमा पर विशेष सतर्कता बरत रही है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर निगरानी
भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र नो मेंस लैंड के 1000 मीटर के दायरे में जमीन, मकान, गोदाम की खरीद फरोख्त करने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर है। तस्कर सीमावर्ती गांव में भूमि मकान खरीद कर उसमें लावारिस सामान डंप कर दे रहे हैं।