- सरकारी भूमि को बैनामा करने के प्रकरण में उप जिलाधिकारी ने अभिलेखागार की देखी खतौनी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर पालिका परिषद के मऊपाकड़ वार्ड में जिलाधिकारी के नाम से दर्ज सरकारी भूमि के बैनामा किए जाने के प्रकरण में उप जिलाधिकारी ने सोमवार को अभिलेखागार में पुरानी खतौनी को देखा। उन्होंने अभिलेखागार के कर्मियों से उसकी नकल उपलब्ध कराने को कहा है। नकल मिलने के बाद उसका चकबंदी से मिलान होगा। इसके बाद ही वास्तविक स्थिति का पता चल पाएगा।
नगर पालिका परिषद महराजगंज के मऊपाकड़ में नौ डिस्मिल सरकारी भूमि है। यह जमीन राजस्व विभाग की खतौनी अभिलेख में जरे इंतजाम कलेक्टर नाम से दर्ज थी। इसी खतौनी में दो अन्य लोगों का भी नाम सहखातेदार के रूप में दर्ज था। चूंकि खतौनी हर छह वर्ष में संशोधित होती रहती है। इसी संशोधन के बहाने वर्ष 2017 में लेखपाल, कानूनगो व अन्य जालसाजों ने मिलकर डीएम का नाम खतौनी से हटवा दी। मामला पकड़ में आने के बाद डीएम ने दाखिल खारिज की प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए उप जिलाधिकारी को जांच सौंपी थी। प्रथम दृष्टया जांच में खतौनी में कूटरचित तरीके से नाम काटने की पुष्टि होने पर उप जिलाधिकारी ने जमीन को खतौनी में पुन: जरे कलेक्टर का नाम दर्ज करा दिया था। सोमवार को अभिलेखागार में पहुंचकर वहां रखी खतौनी को देखा एवं उसकी नकल को उपलब्ध कराने को कहा। अब उसका मिलान चकबंदी के अभिलेखों से कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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अभिलेखागार की खतौनी के नकल की मांग की गई है। नकल मिलने के बाद चकबंदी से उसका मिलान कराया जाएगा। मिलान के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर
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