महराजगंज। उच्च शिक्षा की राह छात्रवृत्ति परीक्षाएं सरल बनाती हैं। पहले बच्चों के लिए इतने छात्रवृत्ति परीक्षाओं का विकल्प नहीं हुआ करता था, लेकिन उस समय भी इनका बहुत महत्व हुआ करता था। स्कूल में अगर शिक्षक जान पाते थे कि अमुक विद्यार्थी छात्रवृत्ति की परीक्षा में भाग लेने वाला है तो उसे अतिरिक्त समय देकर शिक्षक अलग से भी शिक्षा प्रदान करते थे। आज भी छात्रवृत्ति परीक्षा का महत्व उसी प्रकार बना हुआ है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वह ऐसी परीक्षाओं में जरूर प्रतिभाग करें जिससे उच्च शिक्षा की ओर उनके कदम आसानी से बढ़ सकें।
उक्त बातें जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. एपी भार्गव ने व्यक्त किया। अमर उजाला की ओर से प्रारंभ अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए बुधवार को सीएमएस ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कहा कि शिक्षा प्राप्ति के दौरान इसका बहुत ही महत्व होता है। ऐसी परीक्षाओं में शामिल होकर विद्यार्थियों की शैक्षिक क्षमता बढ़ती है। छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल होने के लिए विद्यार्थी अलग से मेहनत करता है, जिससे उसका पाठ्यक्रम बड़ी सहजता से बिना अतिरिक्त मेहनत के पूर्ण हो जाता है।
बताया कि मैंने वर्ष 1977 में आंबेडकरनगर जनपद से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। उस समय मैं छात्रवृत्ति परीक्षा में शामिल हुआ था और सफल भी हुआ था। स्नातक की परीक्षा तक मैं अपने लगन के कारण छात्रवृत्ति परीक्षाओं में भाग लेते हुए सफल होता रहा। छात्रवृत्ति निरंतर मिलते रहने के कारण मुझे कापी किताब की समस्या का सामना कभी नहीं करना पड़ा।
पाठ्यक्रम में शामिल लेखकों की किताब के अतिरिक्त अन्य लेखकों की किताब भी बड़ी सहजता से मैं खरीद पाता था। पर्याप्त शिक्षण सामग्री के कारण मुझे किसी भी कक्षा में पाठ्यक्रम कठिन नहीं प्रतीत हुआ और मैं सभी कक्षाओं में सहजता से उत्तीर्ण होता गया। आज के समय में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा विद्यार्थियों के लिए काफी बेहतर है। इसमें हर पात्र विद्यार्थी को नामांकन कराकर अपनी क्षमता का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।