- ठोस तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े गांवों में राज्य औसत से कम भुगतान पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े पहले चरण के गांवों में कराए गए कार्यों का राज्य औसत से कम भुगतान होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने आठ ग्राम सचिवों का वेतन रोक दिया है। 25 ग्राम सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि पांच ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी पंचायत से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों के भुगतान में राज्य का औसत 79.17 है। ग्राम पंचायतों की ओर से भुगतान पर गंभीरता न दिखाने से जहां जिले की प्रगति कम है, वहीं इस कार्यप्रणाली से विभाग की छवि भी राज्य स्तर पर धूमिल हो रही है। कम प्रगति पर विभाग ने मिठौरा के ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश द्विवेदी, मेदनीपुर के ग्राम विकास अधिकारी नागेंद्र पांडेय, लेजार महदेवा के ग्राम पंचायत अधिकारी परमेश्वर दूबे, मधुबनी के ग्राम विकास अधिकारी संतोष कुमार गुप्ता, चौमुखा के ग्राम विकास अधिकारी ऋषिकेष यादव, चेहरी के ग्राम विकास अधिकारी रंजीत सिंह, खजुरिया के ग्राम विकास अधिकारी बालमुकुंद पांडेय व पतरेंगवा के ग्राम विकास अधिकारी विशाल वर्मा का वेतन रोका गया है।
इन सचिवों को जारी किया गया नोटिस
जिले के जिन 25 गांवों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उनमें ग्राम सिंदूरिया, कटहरा खास, बांसपार बेजौली, बंजरहा सोनबरसा, लेहड़ा, ठूठीबारी, चकदह, एकमा, कानापार, नौसागर, करमहां, बागापार, बारातगाड़ा, पिपरा, बरगदवां, बसहिया बुजुर्ग, बड़हरा बरईपार, नटवा, मिश्रौलिया, पिपरा परसौनी, डिंगुरी, लक्ष्मीपुर एकडंगा, सतगुर, जंगल बड़हरा व हरपुर पकड़ी के ग्राम सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है।
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इन पांच एडीओ पंचायत से मांगा गया स्पष्टीकरण
जिले के जिन पांच ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारी पंचायत से स्पष्टीकरण मांगा गया है उसमें निचलौल, लक्ष्मीपुर, सिसवा, मिठौरा व पनियरा के नाम हैं। सभी को तीन दिन में अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े गांवों में क्रेडिट लिमिट जारी करते हुए धनराशि जारी की गई है। समय से भुगतान न होना निराशाजनक है, ऐसे में शिथिलता बरतने वाले 33 सचिवों व पांच सहायक विकास अधिकारी पंचायत के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
यावर अब्बास, जिला पंचायत राज अधिकारी