घुघली। जो उलझ कर रह गई है फाइलों की जाल में, गांव तक वह रोशनी आएगी कितने साल में। शायर अदम गोंडवी की ये पंक्तियां घुघली नगर पंचायत की वाटर सप्लाई योजना पर सटीक बैठती है। 34 वर्ष बीत गए, लेकिन नगर पंचायत को शुद्ध पानी नसीब नहीं हो सका। 21 हजार की आबादी पानी खरीद कर पीने के लिए मजबूर है, लेकिन जिम्मेदार अभी तक सो रहे हैं।
नगर पंचायत के गणेश अग्रवाल, अनिल जयसवाल, सुरेश रुंगटा आदि ने कहा कि नगर पंचायत 34 साल बाद भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं करा सका। नगर को शुद्ध पेय जल उपलब्ध करने के लिए जल निगम ने वर्ष 1989 में ट्यूबवेल व टंकी स्थापित कर नगर पंचायत प्रशासन को हस्तांतरित कर दिया था, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही के चलते शुद्ध पेयजल योजना को ग्रहण लग गया। नगर के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने इस योजना को अमल में लाने के लिए बोर्ड के माध्यम से कार्रवाई शुरू कराई। फरवरी 2014 में ठेकेदार काम अधूरा छोड़ कर चला गया। उसके बाद से कोई पहल नहीं की गई।