महराजगंज। जिले में वाहनों का पंजीकरण कृषि कार्य के लिए करवाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। संचालक वाहनों को बिल्डिंग मटेरियल अथवा ईंट भट्ठों पर लगवा दे रहे हैं।
पिछले दिनों विभाग ने अभियान चलाया था तो 12 ट्रैक्टर-ट्राॅलियों पर जुर्माना लगाया गया, लेकिन अभियान बंद होने के बाद एक बार फिर ट्रैक्टर सामग्री ही नहीं लोगों को भी बिठाकर फर्राटा भर रहे हैं। जिले में लगभग 100 से अधिक बिल्डिंग मटेरियल विक्रेताओं की दुकान चल रही हैं।
इनके यहां गैर काॅमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से सामान ढोया जा रहा है, जबकि जिले में सिर्फ आठ ट्रैक्टर ट्राॅलियों का ही पंजीकरण काॅमर्शियल कार्यों के लिए है। यह लोग मनमानी करते हुए राजस्व को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उदासीनता के चलते जिले की सड़कों पर बेधड़क कृषि कार्य में दर्ज ट्रैक्टर-ट्रॉलियां फर्राटा भर रही हैं।
एआरटीओ में 24,707 ट्रैक्टर-ट्रॉली कृषि में पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र आठ ट्रैक्टर-ट्राॅली ही ऐसी हैं, जो काॅमर्शियल कार्यों के लिए दर्ज हैं।