राशन के चावल से सुधरेगा स्वास्थ्य, नहीं होगा कुपोषण
जिले के पांच लाख कार्ड धारकों को दिया जाएगा पोषणयुक्त चावल
अगले माह से राशन की दुकानों से वितरण शुरू करने की है योजना
जिले की 31 राइस मिलों में मशीन लगने की प्रक्रिया अंतिम चरण में
महराजगंज। पोषणयुक्त (फोर्टिफाइड) चावल से जिले के पांच लाख कार्ड धारकों की सेहत सुधारी जाएगी। इसे खाने से गर्भवती व धात्री महिलाओं को आवश्यक पोषक तत्व मिल जाएंगे। कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का कुपोषण दूर होगा। अन्य लोग भी कुपोषित होने से बचेंगे। अगले माह से राशन की दुकानों से पोषणयुक्त चावल का वितरण शुरू करने की योजना है।
राशन कार्ड धारकों को पोषणयुक्त चावल देने के लिए शासन से दिशा निर्देश मिलने के बाद खाद्य विपणन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। अभी तक कार्ड धारकों को सामान्य चावल दिया जाता है। शासन जो धान खरीदता है, उससे सामान्य चावल तैयार कराया जाता रहा है। राइस मिलों में अब उसी धान से पोषणयुक्त चावल तैयार कराया जाएगा। जिस तरह सामान्य चावल को राशन की दुकानों के माध्यम से कार्ड धारकों तक पहुंचाया जाता है, उसी तरह पोषणयुक्त चावल भी वितरित किया जाएगा। जिले में 58 राइस मिले हैं। इनमें फोर्टिफाइड प्लांट और ब्लेडर लगवाए जा रहे हैं। 31 राइस मिलों में मशीन लगने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। दो राइस मिल क्रियाशील नहीं हैं।
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फोर्टिफाइड चावल में होते हैं भरपूर पोषक तत्व
जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र की पोषण विशेषज्ञ पूजा त्रिपाठी ने बताया कि फोर्टिफाइड चावल में पोषक तत्व भरपूर रहता है। एक किलोग्राम चावल में आयरन (28 से 42.5 मिलीग्राम), फॉलिक एसिड (75 से 125 माइक्रोग्राम), विटामिन-बी 12 (0.75 से 1.25 माइक्रोग्राम) होता है। जिंक (10 से 15 मिलीग्राम), विटामिन-ए (500-700 माइक्रोग्राम), विटामिन-बी 1 (1-1.5 मिली ग्राम), विटामिन-बी 2 (1.25-1.75 मिली ग्राम), विटामिन-बी 3 (12.3-20 मिली ग्राम) और विटामिन-बी 6 (1.5-2.5 मिली ग्राम) होता है। पोषणयुक्त चावल खाने से गर्भवती व धात्री महिलाओं को आवश्यक पोषक तत्व मिल जाएंगे। कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का कुपोषण दूर होगा।
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कृत्रिम तरीके से बढ़ाया जाता है सूक्ष्म पोषक तत्वों को
फोर्टिफाइड चावल में सूक्ष्म पोषक तत्वों, विटामिन और खनिजों की मात्रा को कृत्रिम तरीके से बढ़ाया जाता है। इसे मिल में तैयार किया जाता है। इसके लिए कोटिंग, डस्टिंग और एक्सट्रूजन (उत्सारण) जैसी तकनीक का सहारा लिया जाता है। पहले सूखे चावल को पीसकर आटा बनाया जाता है। फिर उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। पानी के साथ इन्हें अच्छे से मिलाया जाता है, फिर मशीनों की मदद से सुखाकर इस मिक्स्चर को चावल का आकार दिया जाता है। 100 किलो में इस तरह का एक किलो चावल मिलाया जाता है।
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कोटेदारों के माध्यम से पोषणयुक्त चावल कार्ड धारकों को दिया जाएगा। शासन से मिले निर्देश के अनुसार कार्ड धारकों को यूनिट के हिसाब से चावल दिया जाएगा।
- एपी सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी
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जिले में 58 राइस मिले हैं। इनमें से 56 मिलों में मशीन लगाई जा रही है। दो मिल मशीन लगवाने के लिए सक्रिय नहीं हैं। 31 मिलों में मशीन लगवाने के कार्य पूर्ण होने के कगार पर है। राइस मिल में पोषणयुक्त चावल बनाया जाएगा।
- विवेक सिंह, डिप्टी आरएमओ