महराजगंज। हिंदू धर्म में रक्षाबंधन के त्योहार का विशेष महत्व होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन पर भद्रा का साया रहेगा। भद्रा काल में राखी बांधना शुभ नहीं रहेगा। सोमवार को दोपहर 1.25 बजे से रात 12.28 बजे तक राखी बांधना अत्यंत शुभ रहेगा। आर्यावर्त ज्योतिष विज्ञान के संस्थापक आचार्य लोकनाथ तिवारी ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व सभी बहनों के लिए इस बार बेहद खास है। रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, शोभन योग और श्रवण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। माना जाता है कि इस योग में राखी बांधने से रिश्तों में मधुरता बनी रहती है।
19 अगस्त को दोपहर में 1.25 बजे से रात 12.28 बजे तक राखी बांधना अत्यंत शुभ माना जाएगा। इसके पहले भद्रा होने से राखी बांधना अशुभ होगा। उन्होंने बताया कि रक्षा बांधने के लिए रेशम, सूती वस्त्र और धागे का भी प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन वह रंगीन पीले या केसरिया रंग का हो। रक्षासूत्र को पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन के बाद ही बांधा जाए। सभी वर्णों के लिए रक्षासूत्र दाहिने हाथ में ही बांधा जाना चाहिए।
सजीं दुकानें, बहनों ने की खरीदारी
महराजगंज। रविवार को बाजार में खूब रौनक दिखी। रक्षाबंधन की दुकानों पर रंग-बिरंगी राखियां सजी रहीं। बहनों ने देर रात तक रक्षाबंधन की खरीदारी की। इससे दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। रविवार को बाजार में महिलाओं की भीड़ रही। पूरे दिन बाजार में चहल पहल रही। शहर के मोहल्ला सक्सेना चौक, रोडवेज तिराहा, फरेंदा रोड की मिठाई की दुकानों पर भीड़ देखी गई। भाई-बहनों के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन सोमवार को मनाया जाएगा। इसके लिए तैयारी तेज हो गई है। बाजार में राखियों से दुकानें सज गई हैं।
बाजार में 10 से लेकर 300 रुपये तक कीमत वाली राखियां उपलब्ध हैं। ज्यादातर लोग 10 से 20 रुपये वाली राखी ही खरीद रहे हैं। दुकानों पर रखी सुंदर राखियां बहनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हैं। बच्चों के लिए मोरपंखी, कार्टून, मोती-रुद्राक्ष, म्यूजिक है और टेडी वाली राखियां खरीदी जा रही हैं। शहर में कई स्थानों पर अस्थायी दुकानें भी लगने लगी हैं।
व्यापारी मनोज पटवा ने बताया कि मेटल में काफी आकर्षक राखियां उपलब्ध हैं, जो खूब पसंद की जा रही हैं। पहले चाइनीज राखियां भी आती थीं, लेकिन अब सभी राखियां स्वदेशी ही हैं। कस्बे और गांवों के दुकानदार भी राखी ले जा रहे हैं। दिनेश बताते हैं कि भैया-भाभी को मारवाड़ी बहनें एक साथ राखी बांधती हैं जो जोड़े में 90 रुपये में उपलब्ध है। वैदिक राखी 75 रुपये की है।
काजू की बर्फी के बाद पतीसा पहली पसंद
रक्षाबंधन को लेकर मिठाइयों का कारोबार भी उछाल पर है। लड्डू, कलाकंद, मिल्क केक, छेना, नारियल लड्डू, पंजाबी बर्फी, मिल्क पुटिंग के रेट जहां 500 के भीतर हैं। वहीं 1000 रुपया किलो की काजू बर्फी व 350 रुपये वाले पतीसा की बिक्री तेज है। कारोबारी ताराचंद्र ने बताया कि सिर्फ दो ब्रांड अधिक बिक रहे हैं। महंगे में काजू बर्फी, सस्ते में पतीसा। काम करने वाले भोला व अनुज ने भी इसकी तस्दीक की। निचलौल रोड पर कारोबारी रत्नाकर चौधरी ने बताया कि रक्षाबंधन पर चाकलेट्स पैक के अलावा नमकीन, चिप्स व ब्रांडेड रसगुल्ले खूब बिक रहे हैं।