फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: भक्तों की लगी कतार, हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय

Tue, 23 Jul 2024 05:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
सिंचाई कालोनी स्थित शिव मंदिर पर सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक करती महिलाएं
विज्ञापन
महराजगंज। सावन के पहले सोमवार को जिले के शिवालयों पर सुबह से ही भक्तों की कतार लगी गई। सावन की फुहार के बीच लोगों ने पूजा-अर्चना कर घर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे दिन हर-हर महादेव, ऊ नम: शिवाय के उद्घोष से शिवालय गूंजते रहे।
विज्ञापन

रिमझिम बारिश के बाद भी भोले बाबा की आस्था भारी रही। शिवालयों पर पुलिस प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। निचलौल शहर से नौ किलोमीटर दूर भारत नेपाल सरहद के करीब स्थित मिनी बाबा धाम के नाम से सुप्रसिद्ध पंचमुखी शिवधाम इटहिया ठूठीबारी और सिंदुरिया क्षेत्र हरखोड़ा गांव के शिवालय, कोठीभार क्षेत्र के हरपुर पकड़ी स्थित बऊरवा बाबा पर श्रद्धालु नेपाल राष्ट्र के नारायणी नदी से जल लाकर जलाभिषेक किया।
इन मंदिरों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सुरक्षा व्यवस्था पुलिस प्रशासन के साथ ही सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही थी। जबकि सेखुई के शिव मंदिर, कटहरा शिव मंदिर, चौक के मधुबनी, दरहटा शिव मंदिर, महराजगंज शहर के सिंचाई काॅलोनी स्थित शिव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में जलाभिषेक करने को लेकर श्रद्धालु जुटे रहे।
विज्ञापन

पंचमुखी शिव मंदिर ईटहिया के पुजारी ध्यानचंद गिरी ने बताया की मंदिर पर सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें रहीं। जबकि दोपहर बाद से श्रद्धालुओं का पूजन अर्चन मंदिरों में आकर करने का क्रम शाम तक जारी रहा। भोर चार बजे के बाद से ही शिव भक्तों का मंदिर में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जो देर शाम तक चलता रहा।




मंदिर जाने वाले मार्गों पर मुस्तैद रही पुलिस



निचलौल/ठूठीबारी। प्राचीन शिव मंदिरों पर भीड़ न जुटे इसके लिए सावन के पहले ही सोमवार पर इटहिया, हरखोड़ा और बऊरवा बाबा शिवमंदिर पर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस मुस्तैद रही। इस दौरान मंदिर की ओर वाहन लेकर जाने वाले लोगों को पुलिस नियमों का हवाला देकर बैरियर पर रोक दे रही थी। मिनी बाबा धाम के नाम से सुप्रसिद्ध पंचमुखी शिवधाम इटहिया मंदिर पर श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखते हुए पुलिस मंदिर के ओर जाने वाली सभी मार्गों पर बैरियर लगाकर मुस्तैद रही।
क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि भीड़ नियंत्रण को लेकर इटहिया शिव मंदिर से लमुहा तालाब तक तीन शितलापुर मार्ग पर एक रेंगहिया मार्ग पर दो तथा अमडी पुल मार्ग पर दो बैरियर लगाए गए थे। वहीं श्रदालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजस्व विभाग से एक दर्जन से अधिक लेखपाल, पुलिस विभाग के 100 आरक्षी, 12 मुख्य आरक्षी, 15 महिला आरक्षी, दो ट्रैफिक गार्ड, 14 उपनिरीक्षक, पांच थानेदार, डेढ़ सेक्शन पीएसी के साथ मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।




नंदिनी गाय ने झाड़ियों के बीच चढ़ाया दूध तो निकला था पंचमुखी शिवलिंग
निचलौल। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर इंडो नेपाल बॉर्डर से सटे इटहिया का शिव मंदिर मिनी बाबा धाम के नाम से विख्यात है। यहां दर्शन के लिए नेपाल, बिहार समेत अन्य स्थानों से लोग आते हैं।

पंचमुखी शिवलिंग के इतिहास के संबंध में मंदिर के मुख्य पुजारी ध्यान गिरी बताते हैं कि इस पंचमुखी शिवलिंग के प्रादुर्भाव की कहानी निचलौल के राजा बृषभसेन से जुड़ी है। राजा बृषभसेन प्रतापी प्रजावत्सल न्याय प्रिय राजा थे। वह भगवान शंकर के अनन्य भक्त थे। उनके गोशाला में एक नंदिनी नाम की गाय थी। जिसे राजा बहुत मानते थे। सुबह शाम उस गाय का दर्शन कर उसके दूध का सेवन करते थे।
उस समय ईटहिया सहित यह समूचा क्षेत्र घने जंगलों से आच्छादित था। नंदिनी गाय उसी जंगल में घास चरती थी। कुछ दिन के बाद नंदिनी गाय ने दूध देना बंद कर अपना दूध जंगल के घनी झाड़ियों में जमीन पर चढ़ाने लगी। जब राजा बृषभसेन को यह जानकारी हुई तो उन्होंने इस स्थान पर खुदाई कराई। वहां एक पंचमुखी शिवलिंग मिला। जिसे देखकर राजा भाव विहवल हो गए। उसके बाद पंचमुखी शिवलिंग का राजा प्रतिदिन पूजा अर्चना करने लगे। जिससे राजा को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। जिसका नाम रत्नसेन पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें