महराजगंज। परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को इस बार नए सत्र के पहले दिन ही नई किताबें देने के लिए तैयारी विभाग ने तेज कर दी है। इन दिनों अधिकारी किताबों का सत्यापन कर रहे हैं। साथ ही बीआरसी तक किताबें पहुंचाई जाने लगी हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद ने एक अप्रैल तक सभी विद्यार्थियों को किताबें देने की योजना बनाई है। परिषद ने किताबों की ढुलाई का टेंडर करने के लिए बीएसए को निर्देश था। इस बार जनवरी में ही किताबों की छपाई शुरू कर दी गई। छपाई के बाद किताबें अधिकारियों के पास सत्यापन के लिए पहुंची हैं। छपी किताबों का सत्यापन बीएसए कर रहे हैं। इसके बाद अप्रैल के पहले सप्ताह में ही किताबों को पंजीकृत बच्चों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। जिले के सभी 12 बीआरसी केंद्रों पर किताबें पहुंचाई जाने लगी हैं। महराजगंज जिले के परिषदीय विद्यालयों में कुल दो लाख बत्तीस हजार बच्चे नामांकित हैं। पिछली बार अध्ययनरत बच्चों को किताबें देने में दिक्कत आई थी। बच्चे फटी पुरानी किताबों से पढ़ने को मजबूर हुए, क्योंकि सप्लाई लेट में पहुंची। लेकिन इस बार विभाग ने तत्परता बरती है। पुस्तकें जनवरी में ही छप गई। इतना ही नहीं सत्रारंभ से पहले सभी विषय की पुस्तकें बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंच गई हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी व अन्य कर्मी न सिर्फ पुस्तकों का सत्यापन कर उसे सभी बीआरसी तक पहुंचाने की व्यवस्था ठेकेदार के माध्यम से सुनिश्चित कर रहे हैं। ऐसे में पढ़ने वाले बच्चों को पहली अप्रैल से ही पुस्तकें पढ़ाई के लिए उपलब्ध मिलेंगी। स्कूल में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार स्कूल के प्रधानाध्यापक अथवा प्रभारी प्रधानाध्यापक किताबों की खेप बीआरसी से लेकर जाएंगे तथा बच्चों को उपलब्ध कराकर रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को देंगे।
24 वर्ष बाद पढ़ेंगे लाठी लेकर भालू आया...
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक लगभग 99 प्रतिशत किताबें आ चुकी हैं। परीक्षा से पहले इनके सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। सभी बीआरसी तक किताबों को पहुंचाने का टेंडर हो चुका है और इसे समय से पहुंचाने के लिए ठेकेदार को निर्देशित किया गया है। पहली और दूसरी कक्षा की पुस्तक कलरव व किसलय के स्थान पर सारंगी पढ़ाई जाएगी। जिसमें लगभग 24 वर्ष बाद लाठी लेकर भालू आया.. कविता भी शामिल है।
श्रवण कुमार गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी