खतरे के स्तर के करीब पहुंच रही हवा की गुणवत्ता, अगले एक सप्ताह तक एक्यूआई के खराब रहने की आशंका
सड़कों पर उड़ रही धूल, निर्माण कार्यों से भी बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में विकास के लिए निर्माण कार्य होने से मुख्य सड़कों पर हर तरफ धूल उड़ रही है। इन कार्यों के पूरा होने पर विकास की खुशी तो मिलेगी, फिलहाल हालात सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं, जो लोगों की सेहत को बिगाड़ रहे हैं। दरअसल मौसम के बदलते ही जिले की आबोहवा और तेजी से बिगड़ रही है। यही वजह है कि हवा का गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) तेजी से बढ़कर खतरे के स्तर के करीब पहुंच गया है।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से एक्यूआई सूचकांक 100 पीएम तक होना चाहिए, लेकिन बुधवार को यह 151 पीएम रहा। प्रदूषित हवा हृदय, फेंफड़े और अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत ही घातक हो सकती है। यही नहीं, त्वचा और आंखों से जुड़ी दिक्कतें भी बढ़ रही हैं। आशंका है कि जिले में सप्ताह भर हवा की गुणवत्ता खराब रहेगी। ऐसे में डॉक्टरों की सलाह है कि सेहत के प्रति खुद सजगता बरतें।
जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज महराजगंज भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर दिवाकर सिंह कहते हैं कि वातावरण के तापमान में गिरावट आने से एयर पॉल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) का प्रसार धीमा हो जाता है। यह वायुमंडल के ऊपरी सतह में नहीं जा पाता। इस दौरान वाहनों से निकलने वाला धुंआ, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल सहित अन्य तत्वों के कारण वायु की गुणवत्ता प्रभावित होती है। निर्माण कार्य स्थलों पर पानी के नियमित छिड़काव होने जरूरी है।
पुल के पास धूल का सामना करना पड़ा
फरेंदा शहर के करीब महराजगंज रोड पर पुल निर्माण कार्य चल रहा हैं। निर्माण कार्य स्थलों पर खूब धूल उड़ रही है। बुधवार की दोपहर 12 बजे शास्त्री नगर के जितेंद्र तिवारी फरेंदा कस्बे से जरूरी काम कर महराजगंज लौट रहे थे। उन्हें निर्माणाधीन पुल के पास धूल का सामना करना पड़ा। बोले धूल की वजह से काफी परेशानी हो रही है।
अभी और खराब हो सकता है एक्यूआई
जिले में बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 151 दर्ज किया गया। आशंका है कि आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और खराब होगी। माैसम विशेष कैलाश पांडेय के अनुसार हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। अभी इसकी गति मध्यम है, लेकिन यह धीरे धीरे बढ़ रही है। 21 अक्तूबर को यह 100 और 22 अक्तूबर को घटकर 95 पर हो गया था। 23 अक्तूबर को बढ़कर 110 हो गया। जानकारों का कहना है कि आगे चलकर इसके बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। शनिवार तक 172 एक्यूआई हो सकती है।
निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल से आंखों त्वचा की एलर्जी, दमा, सर्दी- खांसी समेत कई तरह की दिक्कतें होती हैं। जहां लंबे समय तक निर्माण जिनके घर हैं, उनमें भी धूल की वजह से बीमारियां अधिक होती हैं। ओपीडी में हर दिन ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिन्हें धूल की वजह से दिक्क्त होती है। धूल और धुएं की वजह से फेंफड़े में भी इंफेक्शन होता है। सर्दियों में ऐसे मामले अधिक तकलीफ देते हैं।
डॉ. एएम भाष्कर, छाती रोग विशेषज्ञ
-
एयर क्वालिटी इंडेक्स मानक
0-50अच्छा
51-100संतोषजक
101-200थोड़ा खराब
201300खराब
301400-अत्यंत खराब
401-500गंभीर