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Maharajganj News: लोगों ने ऑक्सीजन का समझा मोल, आंगन बनी बगिया

Mon, 18 Dec 2023 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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संवाद न्यूज एजेंसी



महराजगंज। कोरोना काल ने लोगों को ऑक्सीजन का महत्व समझा दिया है। यही कारण है कि स्वस्थ रहने के लिए लोग घर में बगिया बना रहे हैं। घर के आंगन और छत पर मनोकामनी, रातरानी, गंधराज के अलावा गुलाब और गेंदा का पौधा लगा रहे हैं, जो 24 घंटे शुद्ध ऑक्सीजन देते हैं। नर्सरियों में रोजाना करीब 100 से अधिक पौधों की बिक्री हो रही है।



ठंड शुरू होते ही निचलौल क्षेत्र के बैदौली गांव स्थित कई नर्सरियों में पौधों की बहार आ गई। कोलकाता, बरेली, बनारस, मिर्जापुर, दिल्ली सहित अन्य जगहों से आए फूलों के पौधे नर्सरियों में खूब रंग बिखेर रहे हैं। नर्सरियों में एयर प्यूरीफायर पौधों की खूब बिक्री हो रही है। इन पौधों से लोग अपने घर के कमरे और बालकनी सजा रहे हैं। नर्सरी संचालक रमेश कुशवाहा के मुताबिक निचलौल क्षेत्र के बैदौली गांव में पौधों की करीब 15 से अधिक नर्सरी हैं। जहां पर मुख्य रूप से मौसमी, इंडोर, आउटडोर, औषधीय और सजावटी पौधे मिल रहे हैं।
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गेंदा, गुलाब, डहेलिया, गुलदावरी, गुड़हल, क्रांचू, पिटोनिया, विगोनिया, डेंटेस की अपेक्षा लोग एयर प्यूरीफायर के पौधे मनोकामनी, रातरानी, गंधराज और हरसिंगार अधिक खरीद रहे हैं। घरों में आबोहवा को शुद्ध व प्रदूषण कम करने वाले पौधे लगाए जा रहे हैं। कई नर्सरी संचालकों ने बताया कि मौजूदा समय में 35 प्रतिशत लोग एयर प्यूरीफायर पौधे खरीदने आ रहे हैं। पहले की अपेक्षा एयर प्यूरीफायर पौधों की बिक्री बढ़ गई है। कई नर्सरी संचालक पिछले 20 दिन में 2500 से अधिक पौधे बेच चुके हैं। इन पौधों की कीमत 30 रुपये से 500 रुपये तक है।
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इन पौधों की मांग ज्यादा



रबर प्लांट-यह सजावटी पौधा है, इसकी खास बात यह है कि घर के अंदर की वायु दूषित नहीं होने देता है।



बोस्टर्न फर्न- यह पौधा बालकनी में लगाया जाता है। बाहर से आने वाली प्रदूषित हवा को शुद्ध करता है।



स्पाइडर प्लांट- यह पौधा प्रदूषित तत्वों से बचाता है, कार्बन मोनोऑक्साइड, बेंजिन जैसे जहरीले तत्वों से दूर रखता है।



डिफाइन पौधा- एक साल तक चलने वाला पौधा है। घर के अंदर रखा जाता है, हवा को शुद्ध करता है।



एरेक्टा प्लांट- गर्मी की अपेक्षा सर्दी में इस पौधे की मांग अधिक बढ़ जाती है। आसपास की नमी को नियंत्रित करता है।



जीजी प्लांट- घर को सजाने के लिए लगाते हैं, एक साल तक हरा-भरा रहता है। जहरीले केमिकल तत्वों को निकालता है।



पीपल-हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बेहद शुभ माना गया है। पीपल के पेड़ को देवी-देवताओं का घर भी कहा जाता है।



शमी-इस पौधों को पूजन पाठ में प्रयोग करने के साथ ही कफ-पित्त विकार, खांसी, बवासीर, दस्त आदि में फायदेमंद हैं।







रोज 40 से 50 तक पौधों की बिक्री हो जाती



बैदौली गांव के नर्सरी संचालक सूरज कुशवाहा ने कहा कि सर्दियों में ऑक्सीजन छोड़ने वाले पौधे अधिक बिक रहे हैं। रोज 40 से 50 पौधों की बिक्री हो जाती है। इसके अलावा सजावटी पौधे भी बिक रहे हैं। नर्सरी संचालक सोनू कुशवाहा ने कहा कि लोग बालकनी सजाने के साथ ऑक्सीजन देने वाले पौधे खरीद रहे हैं। एरेका प्लांट, बोस्टर्न फर्न, रबर प्लांट पौधे के बारे में जानकारी लेने के लिए 15 से 20 लोग रोज आ रहे हैं। नर्सरी संचालक रमेश ने कहा कि ऑक्सीजन छोड़ने के साथ लोग औषधीय गुणों वाले पौधों को खरीदने के लिए लोग नर्सरी में आते हैं। एलोवेरा, नीम गिलोय, गेंदा के पौधे लोग खरीद रहे हैं।
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