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सेहत के प्रति बेफिक्र गांव के लोग हो रहे बीमार

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सेहत के प्रति बेफिक्र गांव के लोगों को हो रही मधुमेह व उच्च रक्तचाप की बीमारी
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अगस्त माह में 18,164 लोगों की जांच हुई तो 1,599 लोगों में मिला हाईपरटेंशन
जनपद में 17,593 लोगों की जांच की गई तो सभी में पाई गई मधुमेह की बीमारी
जिल के 201 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात हैं 220 कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर, करते हैं जांच
महराजगंज। सेहत के प्रति बेफिक्र गांव के लोग शुगर (मधुमेह) और हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। शुरुआती दौर में लक्षणों को नजरंदाज करना सेहत पर भारी पड़ रहा है। शुगर जैसी बीमारी की चपेट में आने वाली अधिकतर महिलाएं हैं। जिले के 201 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर अगस्त माह की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जिले के 201 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर अगस्त माह में 17,593 लोगों की जांच की गई तो सभी में मधुमेह की बीमारी पाई गई। इनमें 9,936 महिलाएं और 7,657 पुरुष शामिल हैं। इसी तरह 18,164 लोगों की जांच की गई, तो 1,599 लोग उच्च रक्तचाप के मरीज पाए गए। 10,635 लोगों की जांच में 10 लोगों में मुंह का कैंसर पाया गया। 3,442 महिलाओं की जांच की गई, तो सात में ब्रेस्ट कैंसर पाया गया।
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बता दें कि जिले में 201 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर 220 कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर (सीएचओ) तैनात हैं। सीएचओ करीब 10 लाख की आबादी को सेवा देते हैं। सदर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. केपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों के माध्यम से लोगों को सेहतमंद बनाने का प्रयास जारी है। जांच के दौरान बीमारी का पता चलने पर समय से इलाज मिलने पर लोग स्वस्थ हो रहे हैं।
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शुरूआत में समस्या हुई तो नहीं दिया ध्यान
खुटहा गांव की संध्या तिवारी ने बताया कि शुरूआत में समस्या हो रही थी तो ध्यान नहीं दिया। वर्ष 2019 में उपकेंद्र पर जांच कराई तो हाईपरेटेंशन का पता चला। पूनम ने बताया कि शरीर में हमेशा सुस्ती रहती थी। वर्ष 2001 में उपकेंद्र पर जांच कराई तो शुगर की जानकारी हुई। रामललित ने बताया कि छह दिसंबर को शुगर होने की जानकारी हुई। हालांकि बीमारी पहले से थी। थोड़ी समस्या होती थी तो ध्यान नहीं देता था। शीतला ने बताया कि सेहत के प्रति गंभीर नहीं रहने का परिणाम हुआ कि शुगर हो गया। दो सितंबर को उपकेंद्र पर जांच के दौरान शुगर होने की जानकारी हुई। उपकेंद्र खुटहा के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उमाशंकर ने बताया कि लोगों को सेहत के प्रति ध्यान देने के लिए जागरूक किया जाता है। संतुलित भोजन और व्यायाम करने की सलाह दी जाती है।
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उपकेंद्रों पर सीएचओ के प्रमुख कार्य
पंजीकृत गर्भवती को निर्धारित समय पर प्रसव पूर्व जांच की सेवा प्रदान करना। नवजात की गृह आधारित देखभाल कार्यक्रम की रिपोर्ट तैयार करना। दो वर्ष तक की आयु के बच्चों को पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित कराना। क्षयरोग की जांच के लिए संभावित रोगियों को रेफर करना। 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग कराना। शुगर, ब्लड प्रेशर तथा ओरल व चेस्ट कैंसर से पीड़ित लोगों को चिह्नित करना। वीएचएनडी सत्र का आयोजन करना। महिला आरोग्य समिति की बैठक करना सीएचओ के प्रमुख कार्य हैं।
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इन कारणों से होता है उच्च रक्तचाप
अतिरिक्त वजन और शरीर में वसा होना
असंतुलित आहार का सेवन करना
एक निष्क्रिय जीवन शैली होना
तनाव और नींद की खराब आदतें
धूम्रपान व तंबाकू का सेवन करना
विटामिन डी का निम्न स्तर होना
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शुगर के प्रमुख लक्षण
अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होती है। रात के समय पेशाब में वृद्धि, कमजोरी, थकान और धुंधली दृष्टि शुगर होने के प्रमुख लक्षण हैं। अगर यह समस्या हो तो तुरंत जांच कराएं।
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उपकेंद्रों पर सभी सीएचओ सेहत की जांच करते हैं। बीमारी का पता चलते ही जरूरत के अनुसार दवा दी जाती है। सेहत के प्रति सचेत रहने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. राकेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी
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