नगर पालिका महाराजगंज के कार्यालय में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र का फार्म जमा करते लोग।
महराजगंज। शहर से लेकर गांव तक जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोग भटक रहे हैं। रिपोर्ट लगने में देरी की वजह से लोग परेशान हैं। संबंधित कर्मियों की लापरवाही के कारण करीब 1000 आवेदक परेशान हैं। नगर में लंबित आवेदनों की संख्या कम है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में इसकी संख्या ज्यादा है। लोग ब्लाॅक से लेकर तहसील तक चक्कर लगाने को विवश हैं।
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका महाराजगंज में जन्म प्रमाण पत्र आठ, मृत्यु प्रमाण पत्र के 50 आवेदन पांच महीने से लंबित हैं। नगर पंचायत आनंदनगर में तीन मुत्यु प्रमाण पत्र व 24 जन्म प्रमाण पत्र का आवेदन लंबित हैं। नगर पंचायत घुघली में जन्म प्रमाण पत्र के सात मामले में लंबित हैं। नगर पंचायत बृजमनगंज में जन्म और मृत्यु के अभी तक 10 से 12 आवेदन लंबित हैं। सोनौली में जन्म प्रमाण के 57 आवेदन लंबित हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र के 12 आवेदन लंबित हैं। निचलौल नगर पंचायत में एक जनवरी 2024 से अब तक जन्म प्रमाण पत्र के लिए 10 आवेदन पड़े हैं। वहीं मृत प्रमाण पत्र के लिए 11 आवेदन हैं। सिसवा नगर पालिका में जन्म प्रमाण पत्र के 20 तो मृत्यु प्रमाण पत्र के 42 आवेदन लंबित हैं। आवेदन करने के बाद आवेदकों को चक्कर लगाना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या गांव के लोगों को होती है। शहर में आवेदन के सापेक्ष लंबित की संख्या कम हैं।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए लगभग दो माह हो गए
नौतनवा तहसील क्षेत्र की हरदी डाली गांव की पूरब टोला निवासी हरण यादव ने बताया कि मेरी पुत्री मीनाक्षी सात माह की है जिसके जन्म प्रमाण पत्र के लिए लगभग दो माह हो गए। गांव की आशा कार्यकर्ता कागजात लेकर गई है। अभी तक जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया है। नौतनवा नगरपालिका के सुभाषनगर निवासी श्याम नारायण त्रिपाठी ने बताया कि मेरी मां मोतिना तिवारी की मृत्यु जून माह में हुई थी। एक माह पहले नगरपालिका नौतनवा में नोटरी बयान हल्फी के साथ नगरपालिका कार्यालय में जमा किया था, दो गवाह के फोटो और शपथ के साथ जमा किया था, लेकिन अभी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला है। इससे जमीन की वरासत कराने में दिक्कत हो रही है।
जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की समय अवधि
मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए व्यक्ति की मौत के 21 दिनों के अंदर आवेदन करना जरूरी होता है। यह आमतौर पर आवेदन करने के पांच से सात दिन के अंदर बन जाता है। अगर बच्चे का जन्म अस्पताल या नर्सिंग होम में हुआ है तो संबंधित अस्पताल में मेडिकल इंचार्ज यह फाॅर्म उपलब्ध कराते हैं। इस फार्म को जन्म के 21 दिन के भीतर जमा करवा दें। फाॅर्म में भरी गई जानकारी के सत्यापन के बाद दो सप्ताह के भीतर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।