दुर्गा मंदिर के बगल में स्थित ऊनी टोपी की खरीदारी करती युवतियां
परतावल। परतावल से गोरखपुर, महराजगंज, पनियरा, कप्तानगंज की तरफ जाने के लिए यात्री सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। गोरखपुर से महराजगंज की तरफ 50 से अधिक बसें रोजाना यहां से होकर जाती हैं। बसों में करीब एक हजार यात्री रोजाना परतावल से सवार होते हैं, लेकिन उन्हें बैठने के लिए जगह नहीं मिल रही है। ठंडी की वजह से रात में जाने वाले यात्रियों की दिक्कत और बढ़ गई है। ठंडी के मौसम में घंटा-दो घंटा बस का इंतजार करने के दौरान परेशान रहते हैं।
सड़क पर बसों की पार्किंग होने से यात्री सड़क किनारे ही खड़े हो रहे हैं। परतावल चौराहे पर मुख्य सड़क पर ही खड़ी कर यात्रियों को बैठाने व उतारने का काम किया जा रहा है, जिससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। परतावल चौक पर बस में चढ़ने व उतरने के दौरान अक्सर यात्री घायल हो जाते हैं। जहां यात्रियों के बैठने की कोई सुविधा नहीं है। वहीं वाहन खड़ा करने के लिए भी कोई जगह निर्धारित नहीं है। बावजूद इसके नगर पंचायत के ठेकेदार हर वाहनों से वसूली कर रहे हैं। परतावल के सुनील, राकेश, सत्यम का कहना है कि बस स्टैंड की सुविधा न होने के बावजूद नगर पंचायत द्धारा शुल्क वसूला जा रहा है। रुपये न देने पर पुलिस केस दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। बस स्टैंड नहीं होने से सड़क पर ही बस में चढ़ने-उतरने में यात्रियों को काफी असुविधा होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बच्चों व वृद्धों को होती है। उप जिलाधिकारी सदर दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि लोगों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए पहल की जाएगी।