बीते साल के सर्वे में 74 मदरसे अवैध मिले थे लेकिन इस बार खुफिया रिपोर्ट में इनकी संख्या अधिक बताई जा रही है। जिले स्तर पर अवैध मदरसों के बारे में जिला अल्पसंख्यक विभाग को जानकारी नहीं है। पंजीकृत मदरसे 291 हैं। इसका लेखा-जोखा विभाग के पास है। विभाग के अधिकारी कहते हैं कि खुफिया रिपोर्ट शासन को होती है, इस वजह से इसके बारे में जानकारी नहीं हो पाती है। शासन से निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसआईटी ने मदरसों से उनकी आय और व्यय का ब्योरा मांगा तो वे उपलब्ध नहीं करा सके। बताया जा रहा है कि कई मदरसों का निर्माण खाड़ी देशों से मिली सहायता से किया गया है। जांच में मदरसा प्रबंधक निर्माण के लिए जुटाए गए धन का ब्यौरा भी नहीं बता सके। जनपद के सीमावर्ती गांव में 130 मदरसे हैं। इसमें नेपाल सीमा ठूठीबारी से दस किलोमीटर में कुल 72 मदरसे हैं, जबकि सोनौली की नेपाल सीमा से 22 किलोमीटर की दूरी में 58 मदरसे हैं। लक्ष्मीपुर ब्लाॅक में सर्वाधिक 44 मदरसे संचालित हो रहे हैं। नगर पालिका और नगर पंचायत में भी मदरसों की संख्या 17 है, जिसमें नौतनवा नगर पालिका में सात मदरसे, महराजगंज सदर में सात, सिसवा में एक, घुघली में दो मदरसे संचालित हो रहे हैं।