समूहों को सामुदायिक शौचालय सुपुर्द करने में पंचायतें सुस्त
- 138 सामुदायिक शौचालयों को अब तक नहीं किया गया सुपुर्द, समूह की आय को लग रहा झटका
महराजगंज। जिले में समूहों की आय बढ़ाने के लिए भले ही प्रशासनिक जिम्मेदारों ने सामुदायिक शौचालयों का संचालन उनसे कराने का निर्णय लिया है, मगर अभी भी 138 सामुदायिक शौचालय ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक सुपुर्द नहीं किया जा सका है। ग्राम पंचायतों की ओर से सुपुर्दगी में रुचि नहीं दिखाई जा रही है वहीं सुपुर्दगी के न होने से समूूूह की आय भी नहीं बढ़ पा रही है।
पंचायती राज विभाग की ओर से जिले में कुल 870 सामुुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया गया है, इसमें से 732 को जहां पूर्ण कराते हुए संबंधित ग्राम के स्वयं सहायता समूहों को सुपुर्द कर दिया गया है, वहीं 138 सामुदायिक शौचालय ऐसे हैं जिन्हें समूहों को देने में ग्राम पंचायतों की ओर से रुचि नहीं दिखाई जा रही है। समूहों के न दिए जाने से जहां उनकी आय नहीं बढ़ पा रही है, वहीं ग्राम पंचायतों की ओर से जिम्मेदारों की बात को भी अनसुना किया जा रहा है। ग्राम पंचायत शौचालयों को सुपुर्द करेगी भी कि नहीं, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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लक्ष्मीपुर ब्लॉक के सर्वाधिक 52 शौचालयों की सुपुर्दगी बाकी
जिले में वैसे तो कुल 138 सामुुदायिक शौचालयों को सुपुर्द किया जाना है, मगर सर्वाधिक 52 शौचालय लक्ष्मीपुर ब्लॉक के हैं। इसके साथ ही बृजमनगंज, मिठौरा व परतावल के 11-11, नौतनवां के 27, निचलौल के 8, पनियरा के 7, सदर व फरेंदा के चार-चार, सिसवां के दो तथा धानी के एक सामुदायिक शौचालयों को सुपुर्द किया जाना है।
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समूहों को प्रतिमाह नौ हजार रुपया देने की है व्यवस्था
सामुुदायिक शौचालय की देखरेख करने वाले समूह को प्रतिमाह कर्मियों को 6000 रुपये की दर से भुगतान होता है, जबकि 3000 रुपये स्वच्छता का प्रबंध किए जाने के लिए दिए जाते हैं।
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ग्राम पंचायतों से जुड़े जिम्मेदार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामुदायिक शौचालय का संचालन कराएं। निर्देशों की अनदेखी करने पर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
नित्यानंद, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी