पूर्व मंत्री अमरमणि को रिहा होने के बाद नौतनवां आवास पर प्रत्येक दिन जुट रहे क्षेत्र के लोग, पूछते हैं नौतनवां कब आएंगे पूर्व मंत्री
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को जेल से रिहा होने बाद नौतनवां आवास पर समर्थकों की आवाजाही बढ़ गई है। विरोधियों को पूर्व मंत्री के अगले कदम का इंतजार है तो समर्थकों ने खामोशी की चादर ओढ़ रखी है। कोई भी खुल कर कुछ नहीं बोल रहा है। इन दिनों में क्षेत्र के तमाम लोग नौतनवां आवास पर पहुंचकर पूछते हैं कि पूर्व मंत्री कब आएंगे तो उन्हें वस्तु स्थिति की जानकारी देकर भेज दिया जाता है।
दरअसर, जेल से रिहा होने के बाद यह माना जा रहा था कि पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी अपने नौतनवां आवास पर आएंगे, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। उनके विरोधी उनकी प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। नौतनवां शहर में रविवार को पूर्व मंत्री के आवास पर तमाम लोग बैठकर अखबारों में छपी खबरों पर चर्चा कर रहे थे। सबने अपने अलग-अलग विचार रहे। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि इन बार पूर्व मंत्री कोई गलती करने के मूड में नहीं हैं। वह सचमुच में बीमार हैं। जब उनका बेहतर ढंग से इलाज मेडिकल कालेज में हो जाएगा तब वो जनता के बीच आएंगे। विरोधी बेवजह उनको फिर फंसाने की योजना बना रहे हैं। वहीं, पूर्व मंत्री के विरोधी कहते हैं कि अगर वह रिहा होने के बाद सीधे क्षेत्र में संपर्क करने गए होते तो उन डॉक्टरों की जांच कराई जाती जो लंबे समय से उनका इलाज कर रहे थे।
नौतनवां आवास पर मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि जो हृदय में बसता है, उसके स्वागत के लिए कोई दिखावा की जरूरत नहीं है। क्षेत्र की जनता सब जानती है। जिस हिसाब से निर्देश मिलेगा, उस ढंग से तैयारी की जाएगी। क्या योजना बनाई जा रही है, यह चर्चा करने की जरूरत नहीं है।
जनता पूर्व मंत्री के आने की इंतजार कर रही
महराजगंज। पूर्व मंत्री अमरमणि की रिहाई के बाद से उनके सार्थक बेसब्री से इंतजार में हैं कि कब उनसे मुलाकात होगी। रविवार को नौतनवा कस्बे में कार्यालय पर विष्णु प्रसाद, कैलाश नाथ पाठक, गिरीश यादव, अयोध्या, मिठाई लाल, ओम प्रकाश मेहता, गोपाल, इरसद, हरिकेश यादव आदि समर्थक अखबार पढ़ने में मशगूल थे। चर्चा कर रहे थे कि पूरे क्षेत्र की जनता उनके आने की इंतजार कर रही है। बैरवा बनकटवा पूर्व प्रधान मकसूद आलम चाय की दुकान पर समर्थकों के साथ चर्चा कर रहे थे।संवाद
-
गुजरे वक्त में पूर्वांचल में अमरमणि की धमक और पकड़ बढ़ती गई
लक्ष्मीपुर सीट वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद नौतनवां कही जाने लगी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। गुजरे वक्त में पूर्वांचल में अमरमणि की धमक और पकड़ बढ़ती गई। ब्राह्मण वोट बैंक के बीच मजबूत होते अमरमणि राजनीतिक दलों की जरूरत बन गए। हर सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया। महराजगंज की लक्ष्मीपुर सीट वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद नौतनवां कही जाने लगी। लंबे अरसे तक इस विधानसभा सीट से विधायक रहे। जेल जाने के बाद भी क्षेत्र के लोगों के बीच उनकी प्रभाव कम नहीं हुआ।
राजनीतिक विश्लेषक प्रवीण कुमार सिंह कहते हैं कि आने वाले दिनों में सियासत के गलियारे में काफी बदलाव दिखेगा। पहले के बने समीकरण उलट जाएंगे। क्योंकि पूर्व मंत्री अमरमणि की सियासी दांवपेच को हर कोई समझ भी नहीं सकता है। वोटरों के बीच उनकी अच्छी पैठ होने के साथ ही क्षेत्र की सामाजिक, भौगोलिक स्थिति का बेहतर ज्ञान है। जवाहर लाल नेहरू पीजी कालेज महराजगंज के राजनीतिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष राहुल कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व मंत्री अमरमणि स्वयं तो सीधे कोई चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन राजनीति में अप्रत्यक्ष रूप से उनकी संपूर्ण भागीदारी होगी। कहीं न कहीं पूर्वांचल की राजनीति पर उनका खासा असर अब देखने को मिलेगा। लोगों में उनके प्रति उत्साह की भावना को देखते हुए भविष्य में राजनीतिक प्रभाव असर पड़ेगा, इसे नकारा नहीं जा सकता।
-