महराजगंज। स्वास्थ्य विभाग इन दिनों डाॅक्टरों की कमी से जूझ रहा है। जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की ऑपरेशन से प्रसव की सुविधा तो शुरू कर दी गई है, लेकिन निश्चेतक न होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। प्रसव पीड़ा से कराहती महिलाओं को निश्चेतक का घंटों इंतजार करना पड़ता है।
जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और निश्चेतक के पद स्वीकृत हैं। इनमें परतावल और फरेंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही स्त्री रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक और बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। वहीं निचलौल में स्त्रीरोग विशेषज्ञ नहीं जबकी सर्जन की तैनाती है। लक्ष्मीपुर में निश्चेतक, बाल रोग विशेषज्ञ और स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। यहां सर्जन तैनात हैं। निश्चेतक न होने से यदि किसी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है और वह अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव के लिए पहुुंच रही है तो उसे निश्चेतक का इंतजार करना पड़ता है। नहीं तो निजी अस्पतालों में प्रसव के लिए जाना पड़ता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि निचलौल और लक्ष्मीपुर में सर्जन, डॉक्टर की तैनाती है। निश्चेतक को फरेंदा सीएचसी से बुलाया जाता है। डॉक्टरों की कमी से परेशानी हो रही है। उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।