महराजगंज। निर्वाचन आयोग ने वोटर लिस्ट में थर्ड जेंडर को विशेष स्थान तो दे दिया है, लेकिन विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आज भी कोई कारगर पहल सरकार ने नहीं की है। जनपद में अगर किन्नर समाज के शैक्षिक स्तर को देखें तो काफी कम है। इसके अलावा भी अन्य सुविधाओं से यह समाज वंचित है।
सरकार भले ही किन्नरों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का दावा कर रही हो, लेकिन स्थिति इसके विपरीत है। आज भी यह अपना जीवन यापन पूर्व की भांति परंपरागत तरीके से कर रहे हैं। जागरूकता के अभाव में इन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
जनपद के किन्नरों को किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इनका तो समाज कल्याण विभाग में पंजीयन नहीं है, जिससे इन्हें योजना का लाभ मिल सके। निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण आदेश जारी किया, जिसमें किन्नरों को मतदाता बनाए जाने के आदेश जारी किए। जनपद में कुल 93 मतदाता चिह्नित किए गए। जबकि इनका समाज कल्याण विभाग में पंजीयन नहीं है। इन्हें पंजीयन जानकारी न होने से कोई सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता है।
सरकार की ओर से मिलती है यह सुविधा
जानकारी के मुताबिक, समाज कल्याण विभाग में पंजीयन के बाद किन्नरों का एक कार्ड जारी होता है। उन्हें सरकारी आवास, आयुष्मान कार्ड, उज्जवला योजना, अंत्योदय कार्ड जैसी कई सुविधाएं मिलती हैं। साथ ही इनको आर्थिक लाभ का प्रावधान भी है। शिक्षा के क्षेत्र में इन्हें विशेष छात्रवृत्ति भी दी जाती है।