महराजगंज। डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उनको अस्पताल पहुंचकर जूम मीटिंग में प्रत्येक दिन 10:30 बजे जुड़ना है। स्वास्थ्य विभाग की इस व्यवस्था से डॉक्टरों की लेट लतीफी पर पाबंदी लगेगी। अगर समय से नहीं जुड़ सके तो इसका कारण भी डॉक्टर को बताना पड़ेगा। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर को इसमें जुड़ना है।
जानकारी के अनुसार, जिले में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में करीब 68 डॉक्टर तैनात हैं। इन सभी लोगों को ऑनलाइन जुड़ना पड़ेगा। अस्पताल पहुंचने के बाद इन लोगों को ऑनलाइन होकर बताना पड़ेगा की वह अस्पताल में उपस्थित हैं। अक्सर ऐसी शिकायतें आतीं थीं की डॉक्टर समय से अस्पताल में नहीं रहते हैं। इसे देखते हुए विभाग की ओर से यह व्यवस्था बनाई गई है। बीते दिनों पनियरा क्षेत्र में पीएचसी पर डॉक्टर देर से पहुंचे थे तो किन्नर से हंगामा किया था। बाद में लोगों को समझाने के बाद मामला शांत हुआ था। जनपद के सभी सीएचसी, पीएचसी पर तैनात डॉक्टरों की समय से ड्यूटी पर पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था बनी है। अब इन डॉक्टरों की हाजिरी उनके जूम मिटिंग के माध्यम से जांची जाएगी। डॉक्टरों को वीडियो कॉल करके हर सुबह 10.30 बजे उनके ड्यूटी पर पहुंचे होने की पुष्टि की जाएगी। इसके लिए वहां तैनात फार्मासिस्ट और अस्पताल पर आए मरीजों से बात करके यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डॉक्टर समय से ओपीडी में पहुंच गए हैं या नहीं।
सभी डॉक्टरों को समय से ड्यूटी पर पहुंचने की सही जानकारी के लिए उन्हें रोजाना जूम मिटिंग से जोड़ा जाएगा। अस्पताल पर आए मरीजों से बात करके जांच की जाएगी। मैं स्वयं वीडियो कॉल करूंगी। जल्द ही यह व्यवस्था शुरू की जाएगी। अब सभी डॉक्टरों को अपनी ड्यूटी पर नियमित रूप से समय से पहुंचना होगा।
-डॉ. नीना वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी