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Maharajganj News: सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं, निजी अस्पतालों का सहारा

Wed, 17 May 2023 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 111 स्वीकृत पदों के सापेक्ष सिर्फ 15 विशेषज्ञों की तैनाती
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने से मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए विवश हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के 111 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 15 विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती है। 96 पद रिक्त चल रहे हैं। इपमें छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जिसमें एक भी विशेषज्ञ डाक्टर की तैनाती नहीं है। छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक विशेषज्ञ तैनात हैं। चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दो या दो से अधिक विशेषज्ञ तैनात हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि निदेशालय की ओर से डॉक्टर, फार्मासिस्ट व पैरामेडिकल स्टाफ की सूची मांगी गई है। तैनाती का कार्य शासन स्तर से होता है। जिले में कुछ विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती हो सकती है। वर्तमान में जो व्यवस्था है, उसमें बेहतर ढंग से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
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सिर्फ एक सीएचसी पर स्त्रीरोग विशेषज्ञ की तैनाती
कागज में भले ही स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑपरेशन के प्रसव के लिए उपकरण खरीदा गया हो, लेकिन परतावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही महिलाओं को यह सुविधा मिल रही है। फरेंदा में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ को जिला अस्पताल से अटैच कर लिया गया है। इससे यहां भी ऑपरेशन से प्रसव नहीं के बराबर है। इतना ही नहीं, सीएचसी, पीएचसी पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती न होने से जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ रहा है। सीएचसी पर आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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केस एक- पनियरा क्षेत्र के बैदा निवासी अनारी देवी ने बताया कि घुटने में दर्द रहता है। सरकारी अस्पताल में दिखाया, लेकिन ठीक नहीं हुआ तो गोरखपुर निजी अस्पताल में दिखाना पड़ा। अगर जिले में सभी सीएचसी पर विशेष डॉक्टर की तैनाती होती तो गोरखपुर में महंगा इलाज नहीं कराना पड़ता।
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केस दो- पनियरा निवासी असफाक ने बताया कि शुगर की बीमारी है। सरकारी अस्पतालों विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती न होने से गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। सभी सीएचसी पर विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात हो जाते तो लोगों को एक रुपये की पर्ची पर बेहतर इलाज मिलता।
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