महराजगंज। नियमों में बदलाव की जानकारी नहीं होने के चलते करीब 2000 आवेदकों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी हो रही है। जरूरी प्रपत्रों पूरा नहीं करने के कारण उनके प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। जन्म या मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नियम सख्त करने के साथ ही शर्तें भी बढ़ा दी हैं। जानकारी न होने के कारण लोगों की मुश्किल दूर नहीं हो पा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए मृतक के माता, पिता का नाम, उनकी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर अनिवार्य कर दिया गया है। जन्म प्रमाणपत्र के लिए मां के आधार कार्ड में पति का नाम अनिवार्य हो गया है। मां के आधार कार्ड में उसके पिता का नाम दर्ज है तो ऐसे आवेदन अस्वीकृत किए जा रहे हैं। इससे पंजीकरण कार्य लगभग ठप हो गया है। नगर पालिका व ब्लॉकों के जन्म, मृत्यु पंजीकरण कार्यालयों के माध्यम से हर महीने औसतन 1500 जन्म प्रमाणपत्र और करीब 20 मृत्यु प्रमाणपत्र बनते हैं। रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर की तरफ से जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कराने के नियम सख्त कर दिए हैं।
18 जून से पंजीकरण के लिए कुछ अन्य दस्तावेज भी अनिवार्य कर दिए गए हैं। आवेदन के समय इन दस्तावेजों को अपलोड करने के बाद ही अग्रिम प्रक्रिया शुरू होती है। जन्म या मृत्यु के सिर्फ वही आवेदन अपलोड हो रहे हैं जिनमें नए नियमों, शर्तों के तहत दस्तावेज पूरे हैं। ऐसे में इन दस्तावेजों के पूरे न होने पर आवेदकों को लौटाया जा रहा है। राम प्रसाद यादव कहते हैं कि जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए ग्राम सचिव के पास गया तो वहां बदले नियम की जानकारी हुई। अब जरूरी प्रपत्र लेकर जाउंगा तो जन्म प्रमाण पत्र बनेगा। दीपेश शांडिल्य ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर पालिका में गया तो नए नियम के तहत जरूरी प्रपत्र नहीं लेकर गया था, इस वजह से चला आया। सभी प्रपत्रों को लेकर जाऊंगा तो प्रमाण पत्र मिलेगा। इसी तरह से अन्य लोगों ने भी समस्याओं का जिक्र करते हुए बदले नियम के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही।
जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के नियम
जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए माता और पिता के आधार कार्ड, दोनों के मोबाइल नंबर, दोनों की ई-मेल आईडी अनिवार्य कर दी गई है। पत्नी के आधार कार्ड में पति के नाम के बजाय पिता का नाम लिखा है तो जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनेगा। जबकि पहले आवेदन फार्म के साथ माता या पिता में से किसी एक के आधार कार्ड की फोटोकापी जमा करने पर प्रमाणपत्र बन जाता था। यदि नाम या पता गलत भरा है तो भी जन्म प्रमाणपत्र नहीं बनेगा।
मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए शर्तें
मृतक का आधार कार्ड, उनकी माता, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी जरूरी है। घाट की रसीद, यदि घर में मृत्यु हुई है, तो चिकित्सक की तरफ से अपने लेटरपैड पर की गई। इसकी पुष्टि और उसी की तरफ से भरा गया फार्म-4(क) अनिवार्य है। यदि मृतक का आधार कार्ड नहीं बना है तो आवेदक को हलफनामा देना पड़ेगा। घर में यदि एक साल पहले मृत्यु हुई है तो जांच के दौरान मृत्यु की पुष्टि के लिए पड़ोसी का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, फोटो, ई-मेल आईडी, हलफनामा अनिवार्य कर दिया गया है।
14,803 जन्म प्रमाण पत्र बनाया गया
-31 मार्च 20204 से 31 मई 2024 तक 14,803 जन्म प्रमाण पत्र बनाया गया है। 7679 लड़का व 7115 लड़कियों का जन्म प्रमाण बना है। इस बीच मृत्यु प्रमाण पत्र कम बने हैं। 79 मृत्यु प्रमाण पत्र बने हैं। 53 महिला व 26 पुरुषों का मृत्यु प्रमाणपत्र बना है।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए केंद्र सरकार ने कुछ नए नियम लागू किए हैं। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संबंधी पोर्टल पर जो नियम, शर्तें हैं, उन्हीं का पालन कराया जा रहा है। नियमाें के बारे में लोगों को जानकारी देने की कोशिश की जा रही है।
-डॉ.राजेंद्र प्रसाद, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी