महराजगंज। अतिरिक्त लाभ के चक्कर में ई-रिक्शा, ऑटो और जीप चालक हर रोज वाहन ओवरलोड करके लोगों की जान जोखिम में डालते हैं। क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदारों की नजर इन पर पड़ती ही नहीं है। लापरवाही का आलम यह है कि इन वाहनों को अक्सर ओवरलोड स्थिति में देखा जा सकता है। एक अप्रैल से 29 अप्रैल तक के आकड़ें देखें तो जिले में कुल 2037 वाहनों का चालान कटा लेकिन इसमें ओवरलोड वाहन 10 ही थे।
22 अप्रैल परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा पखवाड़ा चल रहा है। यह चार मई तक चलेगा। यातायात पुलिस लोगों को हेलमेट और सीटबेल्ट पहनकर वाहन चलाने के लिए तो जागरूक करती है। लेकिन ओवरलोड सवारी वाहनों पर इनकी नजर नहीं पड़ती। जिले में 3037 ई-रिक्शा और 4139 ऑटो पंजीकृत हैं। सबसे अधिक समस्या ग्रामीण सड़कों पर है। जहां आठ सीट वाली ऑटो में 12 लोगों को बैठाया जाता है। लोग गंतव्य तक जल्दी पहुंचने के चक्कर में ऑटो या जीप के पीछे लटक जाते हैं। लेकिन चालक मुनाफे की लालच में उन्हें मना नहीं करते। घुघली मार्ग पर ई-रिक्शा और वाहन चालक एक बार में 15 तक सवारी बैठाकर चलते हैं।
अभियान के तहत जांच करके कार्रवाई हो रही है। बीते दिनों अधिक कोयला लोड होने पर सोनौली में कार्रवाई हुई है। आगे भी इसपर विशेष नजर रखी जाएगी। विनय कुमार, एआरटीओ