नौतनवां तहसील क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों से पगडंड़ी से होकर की जा रही है यूरिया और डीएपी खाद की तस्करी
330 रुपये में खरीदकर नेपाल में 600 रुपये में बेचते हैं यूरिया, 1450 में खरीदकर 2,000 रुपये में बेचते हैं डीएपी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत की यूरिया और डीएपी खाद से नेपाल में फसल लहलहा रही है। यह खाद भारत से नेपाल तस्करी के माध्यम से पहुंच रही है। नेपाल में अधिक मूल्य मिलने की वजह से तस्कर खाद बेचकर मालामाल हो रहे हैं। अधिकतर तस्करी नौतनवां तहसील क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों से हो रही है। पगडंडियों के रास्ते तस्कर हर दिन 100 से अधिक बोरी यूरिया और डीएपी खाद सरहद पार पहुंचा रहे हैं। समय-समय पर इनकी बरामदगी होती रहती है।
भारत में दुकानदारों के पास उर्वरकों की रेट लिस्ट चस्पा है। डीएपी 1330 रुपये प्रति बोरी है, जबकि बेचते 1450 रुपये में हैं। इसी तरह यूरिया 267.50 रुपये है, लेकिन बेचते 330 रुपये में हैं। तस्कर नेपाल के सीमावर्ती गांवों में डीएपी 2000 भारतीय रुपये और यूरिया 600 रुपये में बेचते हैं। बताया जाता है कि तस्कर को एक चक्कर में 300 रुपये का मुनाफा हो जाता है। यदि उसने दिन में चार चक्कर लगा लिए तो 1200 रुपये की आमदनी हो जाती है। चूंकि खाद की तस्करी साइकिल से की जा रही तो उसमें खर्चा भी कुछ नहीं लग रहा है। वहीं, बाइक से खाद ले जाते हैं तो पेट्रोल का अतिरिक्त खर्च लगता है, लेकिन आमदनी बढ़ जाती है। क्योंकि एक बाइक पर दो से तीन बोरी खाद लेकर एक चक्कर में तस्कर ले जाते हैं। इस तरह एक ही चक्कर में हजार से पंद्रह सौ की कमाई हो जाती है।
जिस चीज की मांग नेपाल में होती है उसी की होने लगती है तस्करी
सूत्र बताते हैं कि सीमावर्ती क्षेत्र में 150 से 200 लोग खाद की तस्करी में लगे हैं। तस्करी का खेल समय-समय पर बदलता रहता है। चीजों की मांग के अनुसार तस्कर सामान सरहद पार ले जाते हैं। इस समय जहां भारत से खाद नेपाल जा रही हैं वहीं नेपाल से टमाटर की तस्करी हो रही है।पिछले दिनों चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से अब चावल की भी तस्करी होने लगी है।-
इन सीमावर्ती गांवों से हो रही खाद की तस्करी
सूत्रों के मुताबिक, सीमावर्ती गांव हरदीडाली के मुर्दहिया घाट, त्रिलोकपुर घाट, कैथवलिया उर्फ बरगदही घाट, कोमरिया घाट, खनुआ, परसिया घाट, सुंडी घाट, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, नौड़िहवा घाट, बैरिहवा के पोस्ट मास्टर टोला घाट, रजिया घाट, शेख फरेंदा, केवटलिया, फरेंदी तिवारी गांव के तिलहवा घाट, डांडा हेड , भगवानपुर, रेहरा, रधुनाथपुर, श्यामकाट, पिपरहिया, सेवतरी, छपवा, मुड़िला, पिपरहवा घाट,चंडीथान, बैरिया बाजार, कुरहवाखुर्द आदि गांवों के पास पगडंडियों से होकर तस्कर आसानी से खाद लेकर सरहद पार हो जा रहे हैं।
सीमावर्ती गांवों में खाद रखते हैं सुरक्षित
सूत्रों के अनुसार, परसामलिक थाना क्षेत्र के जमुहानी चौराहा, जिगिना, बरगदवा थाना क्षेत्र के गनेशपुर, नौड़िहवा आदि जगहों से तस्कर बाइक पर तीन से चार बोरी खाद लेकर आते हैं और सीमावर्ती गांवों में सुरक्षित जगहों पर रख देते हैं। समय देखकर सीमा पार पहुंचा देते हैं।
नेपाल के इन गांवों तक पहुंचाते हैं खाद
नेपाल के बिशनपुर, हरदी ,पड़री, चकरार, सनई ,बूचीबरवा, बोदरवार, तरकुलहा पिपरहिया, मनोहरपुर, धकधई, टीकर, बैकुंठपुर,पोखर भिंडा , करमहवा, बैरघाट, त्रिलोकपुर, मर्यादपुर, मझगावा, हरदी ,बोगड़ी, दुर्गवलिया, बेथरी, शिवपुर, मकरी, कटया, पिपरहवा, रायपुर, मधुबनिया, परसहवा, मरचहवा, सोनारेत आदि गांव में जहां तस्कर महंगे दामों में ले जाकर बेचते हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों से तस्करी की फोटो आ रही है। इस पर कार्रवाई भी हो रही है। जांच में जो पुलिसकर्मी पाए जा रहे हैं उन पर भी कार्रवाई हो रही है। तस्करी रोकने के लिए एसएसबी और तमाम एजेसियों के साथ मिलकर प्रयास किया जा रहा है।
- आतिश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक
कब-कब कहां बरामद हुई खाद
-26 मई को एसएसबी सुंडी घाट से 24 बोरी यूरिया खाद बरामद।
- 30 मई को खनुआ पुलिस ने 10 बोरी यूरिया खाद मुर्दहिया घाट से बरामद।
-5 जुलाई को एसएसबी और खनुआ पुलिस संयुक्त में हरदी डाली गांव के पास से 27 बोरी यूरिया खाद और 3 बोरी डीएपी बरामद।
- 8 जुलाई को एसएसबी ने मुर्दहिया घाट से 20 बोरी यूरिया खाद बरामद।
-21 जुलाई को एसएसबी ने कैथवलिया उर्फ बरगदही गांव के पास से 16 बोरी यूरिया और डीएपी मिलाकर बरामद।
एक जनवरी जुलाई तक की बरामदगी
परसामलिक थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव अहिरौली से 18 जून को 19 बोरी यूरिया व पेड़ारी चौराहे से 12 अप्रैल को 4 बोरी डीएपी व 4 बोरी यूरिया, झिंगटी से 4 जनवरी को 17 बोरी यूरिया की बरामदगी पुलिस ने की थी। सोनौली कोतवाली क्षेत्र के भगवानपुर चौकी क्षेत्र से 16 जनवरी को 10 बोरी यूरिया खाद व 6 जनवरी 18 बोरी यूरिया, 9 जनवरी 5 बोरी यूरिया बरामद हुई थी।