महराजगंज। भारत से आने वाले आलू-प्याज पर नेपाल ने मई माह में 13 प्रतिशत वैट लगाया था। इसका नेपाल के व्यापारियों ने विरोध किया तो सरकार ने वैट हटाने के लिए आश्वासन दी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। तीन दिन पहले नेपाल सरकार ने स्थानीय उत्पादों पर भी वैट बढ़ा दी। इससे व्यापारी भड़क उठे और काठमांडो में हड़ताल कर दिया।
वैट बढ़ते ही नेपाल के कारोबारियों ने भारत से आलू-प्याज मंगाना कम कर दिया है। पहले एक दिन में 30 ट्रक आलू-प्याज भारत से नेपाल जाती थी, लेकिन सात ट्रक जा रही है। इससे करीब 75 लाख रुपये प्रतिदिन का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल में वैट लगने के पूर्व 80 रुपये किलो प्याज और 50 रुपये आलू बिक रहा था। वैट लगने के बाद आलू 80 रुपये और प्याज 100 रुपये किलो मिल रहा है। सोनौली बार्डर से आलू, प्याज नेपाल भेजने के कारोबार से करीब 300 लोग जुड़े हैं। भारत के नसिक, कानपुर, बाराबंकी समेत अन्य मंड़ियों से आलू-प्याज नेपाल के कारोबारी मंगाते हैं। वैट लगने के पहले एक दिन का करीब एक करोड़ रुपये कारोबार था, लेकिन इन दिनों यह सिमट कर 25 लाख पर आ गया है, यानी 75 लाख रुपये प्रतिदिन का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
भारतीय व्यापारी सन्नी गुप्ता, पुनीत कुमार ने बताया कि दो दिन पूर्व करीब 30 गाड़ी आलू-प्याज भेजा गया था। हड़ताल के बाद केवल सात गाड़ी भेजी गई है। ये सभी गड़ियां पोखरा, नारायण घाट और बुटवल के लिए गईं हैं। यहां की सब्जी मंडी खुली है।
दाम तय नहीं किए गए
काठमांडों कालीमाटी फल एवं सब्जी बाजार विकास समिति के प्रवक्ता विनय श्रेष्ठ ने बताया कि बाजार में व्यापारियों द्वारा आलू-प्याज का सौदा नहीं करने के कारण दाम तय नहीं किए गए हैं। आलू और प्याज पर मूल्य वर्धित कर (वैट) लगाने के सरकार के फैसले के कारण व्यापारियों ने बिक्री रोक दी है।
हड़ताल जारी रखने की चेतावनी
व्यवसाई संघ के अध्यक्ष उज्ज्वल कार्की ने बताया कि जब तक सरकार 13 प्रतिशत वैट नहीं हटाएगी हड़ताल जारी रहेगा। व्यापारी राम नारायण कलवार, बसंत श्रेष्ठ, दीपेंद्र श्रेष्ठ, सुंदर कलवार, सुरेन्द्र ने बताया कि काठमांडो की कालीमाटी, नक्साल, टेउड़ा बाजार, धार्वे, भतका पाटी, बनेपा, भक्तपुर, जगाते, सल्लाधारी, सूर्य विनायक आदि सब्जी मंडी बंद है।