छात्रों के सिर पर करंट का खतरा, अधिकारियों को खबर नहीं, कार्रवाई के नाम धूल फांक रही फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के सिर के ऊपर करंट का खतरा मंडरा रहा है। इन स्कूलों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। बिजली के तारों को स्कूल भवनों के ऊपर से हटवाने के लिए कई बार लिखा-पढ़ी की जा चुकी है, लेकिन तारों को हटवाया नहीं जा सका है। सदर व निचलौल तहसील के स्कूलों की पड़ताल के दौरान स्कूल की छतों के ऊपर से खतरनाक ढंग से गुजरे हुए तार दिखाई दिए। इस क्षेत्र के आठ परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या करीब डेढ़ हजार है।
क्षेत्र के 108 गांवों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 47 कंपोजिट और 23 जूनियर तथा 110 प्राथमिक सहित कुल 180 विद्यालय संचालित की जा रही है। इन विद्यालयों में करीब 23 हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। निचलौल तहसील के विद्यालयों के अलावा कंपोजिट विद्यालय रुद्ररौली, पिपराकाजी, बसूली फॉर्म, झरवलिया, बलहिखोर और प्राथमिक विद्यालय लोढ़िया, संडा खुर्द और गौरा निपनिया के विद्यालय भवन के ऊपर भी बिजली के हाईटेंशन तारों की यही स्थिति है।
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शिकायत के बाद संज्ञान नहीं लेते हैं अधिकारी
-बलहिखोर गांव के रहने वाले संतोष ने कहा कि गांव स्थित सरकारी विद्यालय भवन के ऊपर से बिजली की हाईटेंशन तार गुजरा हुआ है। कई बार बिजली विभाग और शिक्षा विभाग को पत्र देकर अवगत कराया गया है, लेकिन इसे हटाया नहीं गया है। रुद्ररौली गांव के रहने वाले राजेश ने कहा कि बिजली के हाइटेंशन तार के नीचे विद्यालय भवन स्थित है। जिसके चलते हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती है।
बिजली विभाग को कई बार पत्र लिखा जा चुका
खंड शिक्षा अधिकारी आनंद मिश्रा ने कहा कि विद्यालयों के ऊपर से गुजरे तारों को हटवाने के लिए बिजली विभाग को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। जब भी समीक्षा बैठक होती है तो इस पर चर्चा जरूर होती है।
तारों को हटवाने के लिए इस्टीमेट तैयार
विद्युत उपकेंद्र निचलौल के एक्सईएन विपिन कुमार ने कहा कि विद्यालयों के ऊपर से गुजरे तारों को हटवाने के लिए इस्टीमेट तैयार कर शिक्षा विभाग को भेजा गया है। इसका भुगतान नहीं हो सका है। इस वजह से तारों को हटवाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। भुगतान होने के बाद तारों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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भवन के बगल से जर्जर तार में होती रहती है स्पार्किंग
पनियरा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपरा खुर्द के गेट के बगल में पोल पर ट्रांसफार्मर लगा है। भवन के बगल से जर्जर तार गुजर रहे हैं। इनमें अक्सर स्पार्किंग होती रहती है। इससे छात्र हमेशा सहमे रहते हैं। विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 2007 में कराया गया, लेकिन उस वक्त तार नहीं लगे थे। वर्ष 2011 में गांव में बिजलीकरण योजना के तहत हर टोले-मुहल्ले में आपूर्ति देने के लिए स्कूल के गेट के बगल में पोल खड़ा कर दिया गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार ने बताया कि तार हटवाने के लिए बीएसए और एक्सईएन को पत्र लिखकर आग्रह किया गया है, मगर कुछ हुआ नहीं।
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विद्यालय परिसर से होकर हाईटेंशन तार लगा दिया
पनियरा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीपुर प्रथम में छत के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजरा है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है। विद्यालय का निर्माण वर्ष 1957 में हुआ था। वर्ष 2007 में विद्यालय परिसर से होकर हाईटेंशन तार लगा दिया गया। किसी ने छात्रों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया। प्रधानाध्यापक राजेन्द्र सिंह ने बताया कि विद्यालय भवन के ऊपर से गुजरे तार को हटवाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी और अवर अभियंता को कई पत्र भेजे, मगर सुनवाई नहीं हुई। तेज हवा में तार झूलते हैं तो डर लगता है।
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मेरा भतीजा विवेक उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीपुर प्रथम कक्षा पांच का छात्र है। जब वह विद्यालय में पढ़ने के लिए जाता है तो हमेशा भय बना रहता है। कहीं हाईटेंशन तार उसके ऊपर न गिर जाएं।
दिलीप गौंड, देवीपुर
मेरा पोता आर्यन सिंह उच्च प्राथमिक विद्यालय देवीपुर प्रथम कक्षा पांच का छात्र है। विद्यालय में जाता है तो यह चिंता सताती है। शिक्षा विभाग और बिजली विभाग के जिम्मेदार विद्यालय भवन के ऊपर निकल रहे तार को हटवाने को लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं। इशरावती देवी, देवीपुर
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विकास खंड क्षेत्र के जिन विद्यालयों के भवनों के ऊपर से बिजली के हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं उसको हटवाने के लिए बीएसए को पत्र भेजा गया है।
सुधीर कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी पनियरा
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विद्यालय के भवन के ऊपर बिजली के तारों का सर्वे कराकर रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। इस्टीमेट तैयार कराकर बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। धन स्वीकृत होते ही तारों को हटवा दिया जाएगा।
-ई. चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण, आनंदनगर द्वितीय