मिठौरा। सीएचसी मिठौरा में एड्स विषय पर ब्लाॅक स्तरीय एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजन किया गया। कार्यशाला में आशा, एएनम को प्रशिक्षण देते हुए डाॅ. एवी त्रिपाठी ने कहा एड्स के प्रति जागरूकता के साथ-साथ पीडितों के प्रति सामाजिक भेदभाव, भ्रांतियों को दूर करना भी जरूरी है। एड्स छूने से नहीं होता है।
यूनिसेफ से रविंद्र मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रसव पूर्व जांच के दौरान एचआईवी टेस्टिंग अनिवार्य रूप से की जाती है। एचआईवी संक्रमण से बचाव की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि एचआईवी/ एड्स के कारणों, भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करने, एचआईवी अधिनियम, एंटीवायरल ट्रीटमेंट, क्षय उन्मूलन कार्यक्रम एवं रेड रिबन क्लब की भूमिका के बारे में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई। इस अवसर पर बीपीएम नवनीत उपाध्याय, सुग्रीव वर्मा मौजूद रहे। संवाद