निर्दल, कांग्रेस, बसपा व सपा ने खोला खाता, जनादेश के संदेश को समझ रहे नेता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नगर निकाय चुनाव परिणाम का सियासी संदेश दूर तक पहुंच रहा है। इस बार के चुनाव में दिग्गजों की बोलती बंद कर दी है। एक एक सीट के लिए बनाया गया बूथ मैनेजमेंट सब फेल हो गया। सतह पर मजबूती का दावा करने वाली पार्टियों की कथनी करनी सामने आ गई। जनादेश से सियासत से जानकार सबकुछ समझ चुके हैं। जनता जब बदलाव का मन बना लेगी तो ऐसे ही परिणाम सामने आते हैं।
जानकारी के अनुसार जिले की दो नगर पालिका है। नौतनवां में निर्दल तो महराजगंज में सपा ने कब्जा जमाया। आठ नगर पंचायतें हैं, इसमें तीन पर भाजपा, दो निर्दल, एक बसपा, एक सपा व एक कांग्रेस के खाते में दर्ज हुई है। बात सदर विधानसभा से शुरू करें तो इस क्षेत्र में चौक बाजार व घुघली नगर पंचायत है। दोनो जगहों पर भाजपा का करारी हार का सामना करना पड़ा है। इन दोनों सीटों को जीतने के लिए सभी ने पूरी मेहनत की, लेकिन जनादेश अनुमान के विपरित आ गया। सदर विधायक अपने क्षेत्र में एक भी सीट जीताने में कामयाब नहीं हो सके। इसी तरह से नौतनवां विधायक को भी कामयाबी नहीं मिली। सोनौली में प्रत्याशी की जीत से पार्टी को संजीवनी मिली तो नौतनवां में भी निर्दल ने कब्जा जमा लिया। यहां दोनों सीटों पर भाजपा का हार का सामना करना पड़ा। सिसवा विधानसभा क्षेत्र में एक सीट पर चुनाव हुआ था। उसमें भी पार्टी को जीत नहीं मिल सकी। निचलौल नगर पंचायत से सपा ने जीत दर्ज की। रोटरी क्लब के पूर्व मीड़िया प्रभारी दशरथ गुप्ता कहते हैं कि चुनाव में सब कुछ जनता जनार्दन की मर्जी चलता है। जरूरी है कि समय रहते ही जनता के मूड को भांप लिया जाय। स्थानीय चुनाव में बहुत फैक्टर काम करता है। सभी पर मजबूती से काम करना पड़ता है।
पूर्व विधायक फरेंदा ने बचायी पार्टी की लाज फरेंदा के पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह इस बार पार्टी के भाग्यशाली साबित हुए। उन्होंने भाजपा की दोनों सीटें निकाल ली। आनंदनगर व बृजमनगंज सीट को लेकर पूर्व विधायक ने कार्यकर्ताओं के एड़ी चोटी एक कर दिया था। परिणाम आया तो उनकी मेहनत सफल हो गई। फरेंदा क्षेत्र के राजनीतिक जानकार बताते हैं कि पूर्व विधायक ने बेहतर ढंग से प्लानिंग करते हुए मतदाताओं तक गहरी पैठ बनाई, इस वजह से दोनो सीटें आराम से निकल गई।
- पनियरा विधायक ने एक सीट निकाला पनियरा विधानसभा क्षेत्र दो सीटों में पनियरा ही सिर्फ भाजपा जीत सकी। परतावल में बसपा ने जीत दर्ज की। इन दोनो सीटों पर चुनाव के बाद जीत के दावे किए जा रहे थे, लेकिन दावे के अनुसार भाजपा को जीत नहीं मिली।