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नाम के शहरी विद्यालय, स्थिति बदहाल

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कंपोजिट विद्यालय आजाद नगर में बदहाल शौचालय के पास उगे पौधे।संवाद - फोटो : MAHARAJGANJ
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नाम के शहरी विद्यालय, स्थिति बदहाल
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विद्यालयों में सफाई, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था बदहाल
चहारदीवारी व कमरों का भी अभाव
महराजगंज। नगर पालिका सीमा में संचालित होने वाले अधिकांश परिषदीय विद्यालयों को बुरा हाल है। कुछ विद्यालयों में मानक के मुताबिक कमरे व चहारदीवारी नहीं है, तो अधिकतर में सफाई, पेयजल व शौचालय की व्यवस्था बदहाल है। सूचना उपलब्ध कराने के बाद भी निकाय की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नगर पालिका परिषद महराजगंज सीमा में कुल 25 विद्यालय हैं। इनमें से 12 पहले से हैं, वहीं 13 सीमा विस्तार के बाद शामिल हुए हैं। विद्यालयों में लगभग 3000 बच्चे पंजीकृत हैं। ग्रामीण क्षेत्र में कायाकल्प योजना ने विद्यालयों की स्थिति को सुधार दिया है, मगर नगरीय क्षेत्र में अब तक व्यवस्था के प्रभावी न होने से समस्या आ रही है। नगर के तीन विद्यालयों की पड़ताल में यह स्थिति सामने आई है।
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प्राथमिक विद्यालय मुजहना खुर्द
यहां 68 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। उपलब्ध दो कमरों में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है। विद्यालय की चहारदीवारी नहीं है, सड़क से स्कूल तक रास्ता सही नहीं है। परिसर में जलभराव है, पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। प्रभारी प्रधानाध्यापक स्मिता मिश्रा ने बताया कि निकाय व विभाग के जिम्मेदारों को कई बार अवगत कराया गया, मगर समस्या जस की तस बनी हुई है।
प्राथमिक विद्यालय सदर द्वितीय
यहां 153 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। यहां अतिरिक्त कक्षा-कक्ष व टीन शेड में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती पाई गई। फर्श का टाइलीकरण नहीं है। यहां पर चहारदीवारी नहीं है। जर्जर भवन का ध्वस्तीकरण नहीं हुआ है। प्रधानाध्यापक साधना सिंह ने बताया कि समस्या के बारे में विभाग व निकाय को जानकारी दी गई, लेकिन अभी तक उसका निदान नहीं हो सका।
कंपोजिट विद्यालय आजाद नगर
यहां 65 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। यहां भी एक से पांच तक के बच्चों को एक कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। डेस्क-बेंच न होने से बच्चे टाटपट्टी पर बैठ कर पढ़ते मिले। शौचालय के पास गंदगी मिली, टंकी की स्थिति भी बदहाल मिली। प्रभारी प्रधानाध्यापक विभा ओझा ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय की समस्या के बारे मेें विभाग व निकाय के अधिकारियों को जानकारी दी गई है।
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शहरी क्षेत्र के विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए नगर में भी कायाकल्प योजना को संचालित करना होगा। जब तक यह योजना प्रभावी नहीं होगी, सुधार नहीं दिखेगा। -चंद्रभूषण पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी सदर
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