नौतनवा। गोरखपुर नौतनवां रेल खंड पर नईकोट रेलवे स्टेशन उपेक्षा का दंश झेल रहा है। ब्रिटिश काल में बने हाल्ट स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव है। स्टेशन परिसर में बैठने के लिए बेंच, पीने का पानी, शौचालय, रोशनी और साफ-सफाई नहीं के बराबर है।
नईकोट रेलवे स्टेशन परिसर में एक शौचालय है जो निष्प्रयोज्य हो गया है। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विवश होकर खुले में शौच जाना पड़ता है। सबसे अधिक समस्या महिला यात्रियों को होती है। नईकोट रेलवे स्टेशन निर्माण के दौरान ही शौचालय बना था। इसके बाद से मरम्मत नहीं हुई। नईकोट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से यात्रा करने के लिए क्षेत्र के करीब 30 गांगों के लोग आते हैं।
भारत-नेपाल सीमा करीब होने से यहां नेपाल के लोग भी ट्रेन से यात्रा करते हैं। इस स्टेशन से कुल छह सवारी गाड़ी का आना जाना रहता है। प्रतिदिन यहां से लगभग 500 यात्रियों का गोरखपुर, नकहा जंगल, पीपीगंज, आनंदनगर आदि स्टेशनों पर आना जाना रहता है, बावजूद इसके यहां की समस्याओं पर अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है। यात्री सुराती देवी ने बताया कि यहां शौचालय न होने से खुले में शौच जाना पड़ता है। यात्री रामवृक्ष ने बताया कि यहां एक शौचालय बना है जो कई वर्षों से खराब है।