अरुण की बहन प्रिया ने बताया कि भाई ने यदि गुनाह किया था तो उसकी पुलिस से शिकायत करनी चाहिए थी। बड़े भाई अमिताभ भारती की 15 वर्ष पहले ही नहर में डूबकर मौत हो गई है। अरुण ही माता-पिता और तीनों बहनों का आंखों का तारा था।
प्रिया ने बताया कि पिता अनिल प्रसाद सात साल पहले एक व्यक्ति का मिक्सर मशीन से छत लगाने गए थे। जहां वह छत से नीचे गिर गए थे। उनका पैर टूट गया था। उस वक्त अरुण कक्षा आठ में था। परिवार का पालन-पोषण करने में समस्या हो रही थी। वह माता-पिता से कहने लगा परिवार का खर्चा चलाने में दिक्कत हो रही है। अब हम पढ़ाई नहीं करेंगे, बाहर जाकर मजदूरी कर परिवार का परवरिश करेंगे।
कुछ दिनों के बाद वह पूना कमाने चला गया। पूना में पेंट पालिश करते हुए अच्छा खासा कमाने लगा था। घर की सारी जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी। समय-समय पर माता-पिता के खातों में रुपये भेजता रहता था। माता-पिता और तीन बहनों का जीवन का गुजर बसर करने वाला एक सहारा था। लोगों ने बड़े बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। तीनों बहनों को रोते-बिलखते देखकर गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं।