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Maharajganj News: पुरानी पेंशन की बहाली के लिए तेज होगा आंदोलन, एकजुट हैं शिक्षक-कर्मचारी

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अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में अटेवा पेंशन बचाओ मंच के पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के जिलाध्यक्ष टीपी सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन की बहाली के लिए आंदोलन तेज किया जाएगा। इसके लिए शिक्षक और कर्मचारी एकजुट हैं। पुरानी पेंशन कर्मियों का अधिकार है, इसे लेकर रहेंगे। पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा अब जीवन-मरण का प्रश्न बन चुका है।
टीपी सिंह रविवार को शहर के एक होटल में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब पांच राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हो सकती है तो पूरे देश में क्यों नहीं? देश की आंतरिक और सीमा की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ जवानों को भी पुरानी पेंशन से वंचित रखा जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) में पुरानी पेंशन व्यवस्था की तरह महंगाई राहत का कोई प्रावधान नहीं है। जो कर्मचारी पुरानी पेंशन व्यवस्था के दायरे में आते हैं, उन्हें महंगाई राहत के तौर पर आर्थिक फायदा मिलता है। एनपीएस में सामाजिक सुरक्षा की गारंटी भी नहीं है। रिटायरमेंट के बाद सरकारी कर्मियों को जानबूझकर कष्टों में धकेला जा रहा है।
कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय मंत्री विजय जायसवाल ने कहा कि सरकारी कर्मियों का केवल एक ही मकसद है, बिना गारंटी वाली एनपीएस योजना को खत्म किया जाए और परिभाषित एवं गारंटी वाली पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए।
एलटी संघ के जिलाध्यक्ष देवेश पांडेय ने कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) में हर 10 साल में वेतन और पेंशन रिवाइज का प्रावधान है। ये सब बातें एनपीएस में शामिल नहीं हैं। इस दौरान राघवेंद्र गुप्ता, डॉ. कैलाश नाथ मौर्य, विनोद कुमार, मनोज, संतोष, यशवीर, राजेश्वर, शिव कुमार, अनिल, राघवेंद्र पटेल आदि मौजूद रहे।
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चार राज्य पहले ही ओपीएस लागू करने की घोषणा कर चुके हैं, तो केंद्र सरकार इसे लागू क्यों नहीं कर सकती? ओपीएस के तहत कर्मचारियों को परिभाषित पेंशन मिलती है। एक कर्मचारी पेंशन के रूप में अंतिम आहरित वेतन की 50 प्रतिशत राशि का हकदार है।
- सुधीर त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी, अटेवा
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पुरानी पेंशन पाने के लिए चुनाव में वोट की चोट करनी होगी। जो पार्टी पेंशन की बात करेगी शिक्षक और कर्मचारी उसी को वोट देंगे। सरकार पुरानी पेंशन को लागू करने में मनमानी कर रही है।
- कृष्णवीर, शिक्षक

पुरानी पेंशन पाने के लिए सभी संगठन एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होगा। सभी कर्मचारी शिक्षक अपना हक लेकर रहेंगे।
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- राकेश त्रिपाठी, कर्मचारी

समय-समय पर आंदोलन के जरिए शिक्षक कर्मचारी अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं। सभी को एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की जरूरत है। आने वाले दिनों में संघर्ष तेज किया जाएगा।
- विष्णु प्रसाद गुप्त, शिक्षक
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